नई दिल्ली. इंग्लैंड क्रिकेट टीम के दिग्गज और मौजूदा टेस्ट कप्तान जो रूट एक तरफ अपने करियर के पीक पर हैं. वहीं दूसरी तरफ उनके छोटे भाई ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. बिली रूट ने प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है. ग्लेमोर्गन के लिए खेलने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 14 साल लंबे अपने करियर पर विराम लगाने का फैसला अचानक किया. काउंटी चैंपियनशिप डिविजन-1 सीजन में बिली ने सिर्फ दो मुकाबले खेले. इन दोनों ही मैच में वो बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे.
बिली रूट ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने संन्यास की जानकारी दी. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि काउंटी में दो अलग अलग क्लबों की तरफ से खेलने का मौका मिला. चार ट्रॉफी जीतने वाली टीमों का हिस्सा रहे जो उनके लिए सम्मान की बात है. इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट में उन्होंने अपने 14 साल का सफर तय किया.
बिली ने साल 2015 में अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट की शुरुआत की थी. दो साल बाद उनको लिस्ट-ए और टी20 क्रिकेट में खेलने का मौका मिला. इस दौरान उन्होंने कुल सात टी20 ब्लास्ट सीजन खेले. बिली ने दो सीजन में नॉटिंघमशायर की टीम से खेला. वहीं पांच सीजन में ग्लेमोर्गन के लिए खेलने का मौका मिला. टी20 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा. 39 पारियों में बिली ने 21.13 की औसत 634 रन बनाए. इस फॉर्मेट में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए.
When Billy Root went BIG at Northants 🤯
Enjoy the highlights of Billy’s highest First-Class score, when he smashed a double hundred against Northants in his debut season for the Daf 🌾#OhGlammyGlammy pic.twitter.com/WhBjjsdQjH
— Glamorgan Cricket (@GlamCricket) September 23, 2026
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका खेल काफी अच्छा रहा. 83 मुकाबलों की 148 पारियों में 4107 रन बनाए. उनके खाते में सात शतक और 17 अर्धशतक रहे. रेड-बॉल क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 229 रन रहा. लिस्ट-ए क्रिकेट की बात करें तो बिली ने 60 मुकाबले की 51 पारियों में 40.60 की औसत से 1665 रन बनाए. इस फॉर्मेट में उनके नाम तीन शतक और नौ अर्धशतक हैं.
बिली को कभी इंग्लैंड की नेशनल टीम की तरफ से खेलने का मौका नहीं मिला. साल 2013 में लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान उनको अपने भाई जो रूट के साथ मैदान पर उतरने का मौका मिला. उस मैच में बिली को इंग्लैंड की टीम के 12वें खिलाड़ी के तौर पर जगह मिली थी. उस समय वह एमसीसी यंग क्रिकेटर्स का हिस्सा थे.

