Sanjay Lake Tragedy in Delhi: पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके में स्थित संजय झील (Sanjay Lake) में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। लेक में एक युवक डूबने लगा, तो उसे बचाने के लिए दो दोस्त पानी में उतर गए। मगर वे भी झील की गहराई में फंस गए। कुछ ही देर में तीनों पानी में डूब गए और मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों दोस्त झील में नहाने गए थे। इसी दौरान यह हादसा हुआ। सूचना मिलते ही पांडव नगर थाना पुलिस और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची। तीनों युवकों को पानी से बाहर निकालकर लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल (LBS) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शाम करीब 7:24 बजे मिली सूचना
दिल्ली पुलिस के मुताबिक मंगलवार शाम करीब 7:24 बजे संजय झील में तीन लोगों के डूबने की सूचना PCR के जरिए मिली। यह इलाका पांडव नगर थाना क्षेत्र में आता है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस और बचाव दल ने तलाशी के बाद तीनों युवकों को झील से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल LBS अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
एक को डूबता देख दोनों पानी में कूदे
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक तीनों युवक संजय झील में नहाने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान एक युवक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे परेशानी में देखकर उसके दोनों दोस्तों ने उसे बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। हालांकि पानी की गहराई में जाने के बाद दोनों साथी भी खुद को संभाल नहीं सके। देखते ही देखते तीनों युवक पानी में डूब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और पुलिस को सूचना दी गई। मृतकों की उम्र करीब 22 से 25 वर्ष बताई जा रही है और तीनों कल्याणपुरी के रहने वाले थे। उनकी पहचान साहिल, आशीष नौटियाल और सौरभ के रूप में हुई है। हादसे की खबर परिवारों तक पहुंचते ही वहां मातम छा गया। तीन युवकों की एक साथ मौत से इलाके में भी शोक का माहौल है।
झील की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद संजय झील में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कोंडली विधानसभा क्षेत्र के AAP विधायक कुलदीप कुमार ने हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिवारों से मुलाकात की और संवेदना जताई। विधायक ने झील की गहराई को लेकर चिंता जताते हुए दावा किया कि कुछ हिस्सों में रेत खनन के कारण गहरे गड्ढे बन गए हैं। उनका कहना है कि ऐसे गहरे हिस्से हादसों की वजह बन सकते हैं। उन्होंने झील में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और लोगों के पानी में उतरने पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है।

