Delhi PG Building Collapse News: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने की दर्दनाक घटना के बाद सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने MCD ने दक्षिण जोन के 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इन अधिकारियों में दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार के अलावा 4 इंजीनियर शामिल हैं। सभी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही होने तक निलंबन के आदेश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब सत्य निकेतन हादसे में मौतों का आंकड़ा 7 पहुंच चुका है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक मलबे से अब तक 12 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। हादसे के बाद इमारत की सुरक्षा, अवैध निर्माण और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं।
इन 5 अधिकारियों पर गिरी गाज
MCD की ओर से 7 सितंबर को जारी आदेशों के अनुसार दक्षिण जोन में तैनात पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इनमें राकेश कुमार- डिप्टी कमिश्नर साउथ जोन, रणवीर सिंह – सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, ललित कुमार गोयल – एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग), सुनील चौहान- असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग), आशीष कुमार – जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) शामिल हैं। सस्पेंशन विभागीय जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। इस कार्रवाई को हादसे के बाद MCD की ओर से अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है।
डिप्टी कमिश्नर का निलंबन क्यों अहम?
इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण नाम दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार का है। किसी भवन हादसे के सिलसिले में इस स्तर के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से अहम माना जा रहा है। MCD की कार्रवाई केवल प्रशासनिक अधिकारी तक सीमित नहीं रही। बिल्डिंग से जुड़े इंजीनियरिंग विभाग के चार अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। इनमें सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर से लेकर जूनियर इंजीनियर तक शामिल हैं।
बिल्डिंग को लेकर उठ रहे थे सवाल
सत्य निकेतन में जिस पांच मंजिला इमारत का इस्तेमाल PG के तौर पर किया जा रहा था, उसके निर्माण और संरचना को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। इमारत के पास स्वीकृत बिल्डिंग प्लान से जुड़े सवाल थे और बेसमेंट में अवैध निर्माण की बात भी सामने आई है। इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। निर्माण या मरम्मत के दौरान नियमों का पालन हुआ था या नहीं, इसकी भी जांच जारी है। हादसे के बाद MCD ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का फैसला किया है। निगम ने कहा है कि चार मंजिल से अधिक वाले अवैध निर्माणों को तत्काल सील किया जाएगा और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आसपास की इमारतों पर भी कार्रवाई
सत्य निकेतन में गिरी इमारत के आसपास की कुछ इमारतों की हालत को लेकर भी MCD ने कार्रवाई शुरू की है। हादसे के बराबर स्थित P-13 भवन को खतरनाक घोषित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। MCD ने भवन मालिक को इसे गिराने के लिए समय दिया है और तय अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर निगम की ओर से खुद डिमोलिशन किए जाने की बात कही गई है। अधिकारियों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि बचाव अभियान के दौरान आसपास की कमजोर इमारतें राहतकर्मियों के लिए अतिरिक्त खतरा पैदा न करें। सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के भी निर्देश दिए हैं।
पकड़ा गया बिल्डिंग का मालिक हरिराम
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में फरार चल रहे बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल को पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ लिया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक हरिराम को हिरासत में लेने के बाद उससे हादसे के संबंध में पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की थीं और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। पुलिस ने सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने के मामले में हरिराम और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है।

