Delhi Crime News: राजधानी दिल्ली में आपराधिक गिरोहों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब आम लोगों के साथ-साथ बड़े कारोबारी भी खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। हाल ही में नरेला इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर की सनसनीखेज हत्या हुई और फिर कालिंदी कुंज में गैंगवॉर की घटना हुई। इन दोनों घटनाओं ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक नरेला में हुई प्रॉपर्टी डीलर की हत्या में गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और फरीदपुरिया गैंग का नाम सामने आया है। दिल्ली में अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक दिल्ली में 95 गैंग एक्टिव
दिल्ली पुलिस ने पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया था, जिससे खुलासा हुआ था कि राष्ट्रीय राजधानी और इसके आसपास के क्षेत्रों में कुल 95 छोटे-बड़े गैंग पूरी तरह सक्रिय हैं। इन आपराधिक सिंडिकेट्स का नेटवर्क बेहद मजबूत है, जो सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देते हैं। इन गिरोहों का आकार काफी बड़ा है। बड़े गैंग्स में 100 से 150 सक्रिय अपराधी और शार्प शूटर जुड़े हुए हैं। छोटे गैंग्स में भी 80 से 90 अपराधी काम कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इन गैंग्स के पास केवल देसी तमंचे नहीं, बल्कि अत्याधुनिक विदेशी हथियार मौजूद हैं। इस सूची में काला जठेड़ी गैंग, नीरज बवाना गैंग, कौशल चौधरी गैंग, छेनू पहलवान गैंग, गोगी गैंग, टिल्लू ताजपुरिया गैंग, हाशिम बाबा गैंग और नासिर गैंग जैसे कुख्यात गैंग शामिल हैं।
विदेशों से चल रहे हैं खूंखार अपराधियों के गैंग
दिल्ली-एनसीआर में होने वाली अधिकांश वारदातों के तार देश से बाहर जुड़े मिल रहे हैं। नरेला में प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद की हत्या के मामले में भी खूंखार गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और फरीदपुरिया का नाम सामने आया है, जो वर्तमान में विदेश में छिपकर अपना नेटवर्क चला रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हिमांशु भाऊ किसी बड़े गिरोह जैसे लॉरेंस बिश्नोई या बंबीहा गैंग का हिस्सा नहीं है, बल्कि वह ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और कनाडा से अकेले ही अपने शूटर्स के जरिए आतंक का सिंडिकेट चला रहा है। ये अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर अपनी आपराधिक छवि को महिमामंडित करते हैं।
कालिंदी कुंज में सामने आई गैंगवार की वारदात
विदेश से संचालित हो रहे इन गैंग्स का असर स्थानीय स्तर पर गैंगवार के रूप में देखने को मिल रहा है। दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में 2 सितंबर की देर रात आपसी रंजिश के चलते एक बार फिर गैंगवार सामने आया, जब एक बिरयानी की दुकान के पास रंजन और रोहित धोबी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इस जानलेवा हमले में दीपक भगत, बाबा और मोनू नाम के बदमाशों पर आरोप लगे हैं।

