
Terrorist Attack (द भारत ख़बर), श्रीनगर: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार रात को आतंकवादियों ने ईंट भट्ठे पर काम कर रहे 2 हिंदू मजदूरों को नाम पूछकर गोली मार दी थी। हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, दूसरे ने शनिवार सुबह श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मारे गए युवकों की पहचान 24 साल के दीपक रात्रे और 28 साल के भूपेंद्र के रूप में हुई है। दोनों मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। हमला शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे हुआ था।
बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। इसमें आतंकियों ने 26 पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मार दिया था। बीते दो-तीन साल में कश्मीर के ईंट भट्ठों पर ऐसे ही आतंकी हमले हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने यहां सीसीटीवर कैमरे लगाने का निर्देश दिया था। इस ईंट भट्ठे पर भी सीसीटीवी कैमरे लगे थे, जिसके फुटेज की पड़ताल की जा रही है। इस पूरे इलाके में 20 से ज्यादा ईंट भट्ठे हैं।
आतंकियों की तलाश जारी
अधिकारियों के अनुसार, हमला कुलगाम से करीब 20 किलोमीटर दूर केलाम में हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्होंने 10-12 राउंड फायर की आवाज सुनी। घटना के समय वहां कई प्रवासी मजदूर थे, लेकिन सिर्फ यही दोनों हिंदू थे। इस हमले के बाद घटनास्थल के चारों तरफ करीब दो किलोमीटर का इलाका सील कर दिया गया है। आतंकियों की तलाश की जा रही है।
एक आतंकी के पाकिस्तानी होने का शक
जांच एजेंसियों को हमले में एक स्थानीय और एक पाकिस्तानी आतंकी के शामिल होने का शक है। शुरुआती जांच का फोकस मोहम्मद लतीफ पर है। वह पिछले साल टीआरएफ में शामिल हुआ था।
सीएम का मुआवजा देने का ऐलान
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मृतकों के परिवार को पहले से दिए जा रहे 6 लाख रुपए के मुआवजा के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से भी 10 रुपए लाख की राशि दी जाएगी।
एक्शन में एलजी मनोज सिन्हा

कुलगाम आतंकी हमले के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की। इसमें अधिकारियों को आतंकवाद के खिलाफ अभियान और अधिक तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आतंकियों के सफाए के लिए सटीक और प्रभावी आतंकवाद विरोधी अभियान लगातार चलाए जाएं। साथ ही जम्मू-कश्मीर के बाहर से आए श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
उपराज्यपाल ने दिए ये निर्देश
उपराज्यपाल ने सभी उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) को निर्देश दिए कि जम्मू-कश्मीर के बाहर से आए श्रमिकों की सुरक्षा के लिए लागू मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की व्यापक समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सभी नियोक्ता यह सुनिश्चित करें कि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए प्रत्येक श्रमिक का बीमा हो तथा उनका पूरा विवरण स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के पास अनिवार्य रूप से पंजीकृत कराया जाए।
अमरनाथ यात्रा के सुरक्षा इंतजामों का जायजा
बैठक में श्री अमरनाथजी यात्रा के लिए किए गए सुरक्षा प्रबंधों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने यात्रा मार्ग और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
