Indian Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कारोबार की शुरुआत सेंसेक्स और निफ्टी ने मामूली बढ़त के साथ की, लेकिन जल्द ही बाजार पर बिकवाली का दबाव दिखाई देने लगा। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। निवेशकों की नजर अब निफ्टी के 23,000 के अहम स्तर, बैंक निफ्टी की चाल और रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स के दूसरी तिमाही के नतीजों पर टिकी हुई है। शुक्रवार का कारोबारी सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज सप्ताह के अंत में बाजार की क्लोजिंग से आने वाले सप्ताह की दिशा के संकेत मिल सकते हैं।
हरे निशान में खुला शेयर बाजार
शुक्रवार सुबह कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 ने मामूली तेजी दिखाई। सेंसेक्स पिछले बंद स्तर 74,151 के मुकाबले 74,199 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 पिछले बंद 22,936 के मुकाबले 22,964 पर खुला। हालांकि शुरुआती कारोबार में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। सुबह करीब 9:52 बजे सेंसेक्स 74,332 के आसपास और निफ्टी 22,987 के आसपास कारोबार कर रहे थे। इस समय दोनों प्रमुख सूचकांक हल्की बढ़त में थे, लेकिन बाजार में मजबूती का अभाव दिखाई दे रहा था। बैंकिंग शेयरों में दबाव और कमजोर व्यापक बाजार ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
नैस्डैक और डाउ जोंस में भी गिरावट
भारतीय शेयर बाजार पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कमजोरी का भी असर दिखाई दे रहा है। गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। नैस्डैक में करीब 1.38 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि डाउ जोंस 0.25 फीसदी और S&P 500 करीब 0.30 फीसदी टूटकर बंद हुआ। अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली की बड़ी वजह Alphabet के कमजोर नतीजे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भारी निवेश को लेकर बढ़ती चिंताएं रहीं। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। शुक्रवार सुबह जापान और दक्षिण कोरिया के प्रमुख शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
शेयर बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी हैं। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर करीब 116.08 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 103.37 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं ने कच्चे तेल की कीमतों को सहारा दिया है। सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हूती विद्रोहियों के हमलों के दावों और होर्मुज स्ट्रेट में एक टैंकर पर हमले की खबरों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

