पश्चिमी एशिया तनाव लंबा खिंचने से भारतीय मुद्रा पर दबाव जारी
Rupee Decline Continues (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के लंबा खिंचने, होर्मुज बंद रहने और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के चलते भारतीय मुद्रा यानी रुपया पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। यही कारण है कि डॉलर के मुकाबले इसमें गिरावट का दौर जारी है। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी इसमें गिरावट दर्ज की गई और दिन का कारोबार समाप्त होने के समय रुपया 96 के स्तर को पार करते हुए 96.14 रुपया प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
इसलिए भी रुपए पर दिख रहा दबाव
रुपए पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, मजबूत डॉलर और अमेरिकी नीति निमार्ताओं की आक्रामक टिप्पणियों का दबाव दिखा। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार विदेशी पूंजी के लगातार बहिर्वाह और कमजोर शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के चलते भी रुपए पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.86 पर खुला, फिर कमजोर हुआ और दिन के कारोबार में रिकॉर्ड निचले स्तर 96.14 पर आ गया। रुपये में पिछले दिन की क्लोजिंग के मुकाबले 50 पैसे की गिरावट दर्ज की गई।
लाल निशान पर बंद हुआ भारतीय शेयर बाजार
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर से लाल निशान पर बंद हुआ। हालांकि सुबह को सत्र की शुरुआत अच्छी रही और दिन में ज्यादात्तर समय यह हरे निशान पर काम करता रहा लेकिन शाम के सत्र में बिकवाली हावी रहने से यह पूरी तरह से बिखर गया और दिन का कारोबारी समय समाप्त होने के समय इसमें गिरावट देखी गई। जिसके बाद यह लाल निशान पर बंद हुआ। बता दें कि बुधवार और गुरुवार को शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ ाा जबकि उससे पहले लगातार चार कारोबारी सत्र में शेयर बाजार में 3500 अंक की गिरावट आई थी।
इस तरह रहा सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
सेंसेक्स 160.73 (0.21%) फिसलकर 75,237.99 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर निफ्टी 46.10 (0.19%) अंकों की गिरावट के साथ 23,643.50 के स्तर पर पहुंचकर बंद हुआ। शुक्रवार के कारोबारी सत्र के बाद हिंडाल्को के शेयरों में 3 प्रतिशत जबकि रिलायंस के शेयरों में दो फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

