सोने-चांदी के दाम सिर्फ एमसीएक्स पर ही नहीं बल्कि सर्राफा बाजार में भी कम हुए हैं
Gold-Siver Rate, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: इस सप्ताह सोना और चांदी के भाव भारतीय सर्राफा बाजार में गिरे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दाम नरम रहे। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच स्थाई युद्धविराम हो जाए तो गोल्ड और सिल्वर के रेट और गिर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में सुस्ती का असर भारत के सर्राफा बाजार से लेकर वायदा बाजार तक दिखा।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने का भाव हफ्ते भर में 1672 रुपए टूट गया तो चांदी भी 6476 रुपए प्रति किलो सस्ती हो गई। सोमवार को 24 कैरेट सोने का भाव 1,44,532 रुपए था, जो शुक्रवार तक गिरकर 1,42,860 रुपए पर आ गया। यानी महज पांच दिनों में सोने का भाव 1.15% टूट गया। इसी तरह सोमवार को 2,24,771 रुपए प्रति किलो बिकने वाली चांदी हफ्ते के अंत तक 2,18,295 रुपए पर आ गई।
कमोडिटी बाजार में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह कमोडिटी बाजार में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कई बार कम होने और फिर बढ़ने की स्थिति में रहा। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई, लेकिन बढ़ती महंगाई की आशंकाओं ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर को मजबूती दी, जिससे बिना ब्याज वाले निवेश विकल्पों जैसे सोने की मांग प्रभावित हुई।
युद्धविराम होने पर और गिरेंगे भाव
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में स्थायी युद्धविराम होता है तो ऊर्जा कीमतों पर दबाव कम होगा, वैश्विक निवेशकों का जोखिम उठाने का रुझान सुधरेगा और इससे सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं को भी अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
तकनीकी स्तर पर कॉमेक्स पर सोने के लिए तत्काल 4,160-4,180 डॉलर प्रति औंस का स्तर प्रमुख प्रतिरोध माना जा रहा है, जबकि 4,090-4,070 डॉलर का स्तर मजबूत समर्थन है। वहीं, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1,44,000-1,44,300 रुपए का स्तर निकटतम रेजिस्टेंस और 1,43,000-1,43,300 रुपए का स्तर प्रमुख सपोर्ट माना जा रहा है।
अमेरिका पर रहेंगी नजर
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई और रोजगार संबंधी आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और यूएस डॉलर इंडेक्स की चाल पर रहेगी। यही कारक आगे सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे।

