कहा, समझौते के बाद सभी के लिए खुल जाएगा होर्मुज
US-Iran Agreement (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन : आखिरकार साढ़े तीन माह तक चले ईरान और अमेरिका के युद्ध का अंत करीब दिखाई दे रहा है। इस संबंधी दावा दोनों पक्षों की तरफ से किया गया है। एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह बयान दिया है कि आज यानी रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाएगा।
वहीं ईरान की तरफ से भी यह दावा किया गया है कि दोनों देश समझौते के बेहद करीब है। हालांकि यह समझौता किन शर्तों पर हो रहा है इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है। हालांकि ट्रंप ने यह जरूर कहा है कि समझौते के बाद होर्मुज सभी के लिए खोल दिया जाएगा।
समझौते को लेकर ट्रंप ने यह भी कहा
ट्रंप ने यह भी कहा कि इस समझौते के तहत अमेरिका ईरान को कोई पैसा नहीं देगा। उन्होंने ओबामा प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने ईरान को अरबों डॉलर दिए थे, जिनमें 1.7 अरब डॉलर नकद भी शामिल थे। ट्रंप ने कहा कि हालात सामान्य होने के बाद अमेरिका ईरान का न्यूक्लियर डस्ट निकालकर तबाह करेगा। उनके मुताबिक, यह काम ईरान में या अमेरिका में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भविष्य में ईरान और पूरे मिडिल ईस्ट के साथ बेहतर संबंध चाहता है। हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर यह प्रोसेस सफल नहीं हुई तो अमेरिका के पास आखिरी विकल्प भी मौजूद है, जिसे वह दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहता।
हम समझौते के करीब : अराघची
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि दोनों देश डील के पहले से कहीं ज्यादा करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने मीडिया से समझौते की शर्तों को लेकर कयास लगाने से बचने की अपील की। वहीं ईरान ने जिनेवा में डील साइन होने की खबरों को खारिज किया: तेहरान ने कहा कि 14 जून को जिनेवा में समझौते पर हस्ताक्षर होने की खबरें गलत हैं, अभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।
होर्मुज खुलने की सूचना से राहत
एक तरफ दोनों देश स्थाई समझौते की तरफ बढ़ रहे हैं। वहीं अमेरिकी राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि समझौता होते ही होर्मुज को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। इस सूचना मात्र से ही भारत सहित विश्व के कई देशों ने राहत की सांस ली है। क्योंकि होर्मुज बंद होने के चलते गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत का सामना करना पड़ रहा था। जिससे इन दोनों के दामों में लगातार इजाफा हो रहा था।

