
संत गंगाधर अजजय्या अपना आदर्श मानते हैं शिवकुमार
D.K. Shivakumar Guru, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: आज कर्नाटक को उसका नया मुख्यमंत्री मिल गया है। सिद्धारमैया के सीएम पद से इस्तीफे के बाद आज डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद एंव गोपनिया की शपथ दिलाई। डीके शिवकुमार ने संविधान के साथ-साथ गंगाधर अज्जयी के नाम पर शपथ ली।
गंगाधर अजजय्या को डीके शिवकुमार को अपना गुरु और आदर्श मानते हैं। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन भी अज्जय्या मठ द्वारा निर्धारित तिथि और समय पर ही किया गया। ऐसे में आइए जानते हैं कि गंगाधर अजजय्या कौन हैं?
13वीं सदी के एक अत्यधिक सम्मानित संत हैं गंगाधर अजजय्या
गंगाधर अजजय्या कर्नाटक के तुमकूरु जिले के नोविनकेरे में स्थित श्री कडासिद्धेश्वर मठ से जुड़े 13वीं सदी के एक अत्यधिक सम्मानित संत हैं। डीके शिवकुमार लंबे समय से इस मठ और संत के प्रबल अनुयायी रहे हैं और उन्हें अपना सबसे बड़ा आध्यात्मिक मार्गदर्शक मानते हैं। तुमकुर जिले के तिप्तूर तालुक में स्थित नोनाविनकारे कदाससिद्धेश्वर मठ एक बहुत प्रसिद्ध और ऐतिहासिक धार्मिक केंद्र है।
कर्नाटक के नेताओं का है पसंदीदा धार्मिक केंद्र
स्थानीय रूप से इस मठ को अज्जय्याना मठ के नाम से भी जाना जाता है। यह मठ कर्नाटक के प्रमुख राजनेताओं का पसंदीदा धार्मिक केंद्र है और कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित कई लोग इस मठ के भक्त हैं। डीके शिवकुमार अपने जीवन के हर महत्वपूर्ण राजनीतिक और व्यक्तिगत फैसले या संकट के समय इस मठ में आशीर्वाद लेने जरूर जाते हैं।
गंगाधर अज्जय्या को पुष्पांजलि अर्पित की
डीके शिवकुमार ने मंच पर रखे गंगाधर अज्जय्या के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ के दौरान उनके हाथ संविधान की किताब थी।
डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण से जुड़ा हर फैसला अज्जय्या मठ के वर्तमान प्रमुख डॉ. करिवृषभा शिवयोगेश्वर के मार्गदर्शन में निर्णय लिया। सीएम पद की शपथ लेने से पहले डीके शिवकुमार अपने परिवार के साथ को बेंगलुरु के नागरभावी स्थित अज्जय्या मठ की शाखा में गए थे और वहां उन्होंने समय बिताया।
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