नई दिल्ली. चेन्नई सुपर किंग्स इंडियन प्रीमियर लीग के नए सीजन में नए हेड कोच के साथ उतरने वाली है. टीम ने जहीर खान को ये जिम्मेदारी दी है. उन्होंने 18 साल से टीम की कमान संभाल रहे स्टीफन फ्लेमिंग की जगह ली है. इंग्लैंड टेस्ट टीम के मुख्य कोच बनने से पहले उन्होंने इस पद से इस्तीफा दिया. जहीर की नियुक्ति पर पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपनी दी है. सीएसके की तरफ से खेल चुके इस दिग्गज ने बताया कि जहीर और धोनी का रिश्ता काफी अच्छा है और खुलकर अपनी बात रखने की क्षमता रखते हैं.
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बताया कि जहीर और एमएस धोनी की जोड़ी CSK के लिए बेहतर तरीके से काम कर सकती है. उन्होंने कहा कि जहीर के पास धोनी से असहमति जताने और अपनी राय खुलकर रखने का अनुभव और अधिकार है. अश्विन ने कहा, “जहीर में धोनी की बात से असहमत होने की क्षमता है. कई दूसरे लोग, जैसे रुतुराज गायकवाड़, धोनी से असहमत होकर कोई दूसरा कॉम्बिनेशन आजमाने की सलाह नहीं दे सकते क्योंकि वो सहज नहीं होंगे. जहीर के आने से ऐसा देखने को मिल सकता है क्योंकि वो धोनी की बात को काट सकते हैं.”

अश्विन के मुताबिक, जहीर और धोनी का रिश्ता एक दूसरे से काफी पुराना है. भारतीय टीम की तरफ से दोनों एक साथ करीब एक दशक तक क्रिकेट खेल चुके हैं. साल 2011 वनडे विश्व कप में टीम को चैंपियन बनाने में दोनों की भूमिका थी. धोनी की कप्तानी में भारत ने विश्व कप जीता था और जहीर खान टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे.
अश्विन ने कहा कि जहीर उस दौर में भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ियों में शामिल थे, जब धोनी ने कप्तानी संभाली थी. इसी कारण से दोनों के बीच कप्तान और खिलाड़ी के तौर पर रिश्ता प्रोफेशल तौर पर बेहद मजबूत था. उन्होंने कहा कि जहीर जरूरत पड़ने पर धोनी के कंधे पर हाथ रखकर भी अपनी बात रख सकते हैं. दोनों मिलकर फैसले कर सकते हैं. अश्विन ने यह भी कहा कि जहीर की समझ, रणनीतिक सोच और क्रिकेट की गहरी जानकारी CSK के लिए उपयोगी हो सकती है.
अश्विन के अनुसार, “धोनी और जहीर एक-दूसरे के साथ काफी अच्छे से घुलते-मिलते हैं. कप्तान और खिलाड़ी के रूप में भी उनके रिश्ते अच्छे थे. इसलिए साफ है कि इस फैसले में धोनी की सहमति रही होगी.”

