नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भले ही बांग्लादेश की टीम को दूसरे टेस्ट मैच में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा. एक खिलाड़ी ने अपनी गेंदबाजी से हर किसी का दिल जीत लिया. बांग्लादेश के तेज गेंदबाज शोरिफुल इस्लाम ने मैकाय टेस्ट में इतिहास रच दिया. पहली पारी में शोरिफुल ने ऐसा गेंदबाजी प्रदर्शन किया जिसने 1883 में किए गए कारनामें को फिर से दोहराया. उन्होंने 15 ओवर में 48 रन देकर 7 विकेट झटक लिए. इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर टेस्ट क्रिकेट में 7 विकेट लेने वाले पहले एशियाई बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बन गए.
बांग्लादेश की टीम इस मैच को कभी भी याद नहीं करना चाहेगी. डार्बिन में जीत हासिल कर मैकाय पहुंची टीम को पारी और 51 रन से हार का सामना करना पड़ा. पहली पारी में बांग्लादेश की पूरी टीम मिचेल स्टार्क के कहर के आगे सिर्फ 64 रन पर ढेर हो गई. दूसरी पारी में कप्तान पैट कमिंस के साथ मिलकर उन्होंने वार किया और 95 रन पर टीम ऑलआउट हो गई. ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 210 रन बनाए थे जो उनके जीत के लिए काफी साबित हुआ. ऑस्ट्रेलिया को 210 रन के स्कोर पर रोकने में 7 विकेट लेने वाले शोरिफुल का सबसे बड़ा योगदान रहा.
बांग्लादेश के तेज गेंदबाज शोरिफुल ने ऑस्ट्रेलिया की टीम के खिलाफ पारी में 7 विकेट लेकर इतिहास के पन्नों में नाम दर्ज करवाया. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की धरती पर ऐसा कमाल करने वाले सिर्फ दो ही बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हुए. बांग्लादेशी बॉलर से पहले ऑस्ट्रेलिया में सिर्फ दो इंग्लिश बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों ने एक पारी में सात विकेट लेने का कारनामा किया था. 1879 में टॉम एमेट ने मेलबर्न में 68 रन देकर 7 विकेट लिए थे.इसके बाद डिक बार्लो ने 1883 में 40 रन देकर 7 विकेट हासिल किए थे. शोरिफुल ने 48 रन देकर 7 विकेट चटकाए जो दूसरे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
ऑस्ट्रेलिया में सबसे बेहतरीन बाएं हाथ के एशियन तेज गेंदबाजी प्रदर्शन के मामले में भी शोरिफुल अब नंबर एक बन गए हैं. इससे पहले पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम के नाम यह कीर्तिमान हुआ करता था. अकरम ने 1990 में मेलबर्न टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 62 रन देकर 6 विकेट लिए थे.बांग्लादेशी पेसर ने 48 रन देकर 7 विकेट झटक लिए. अब ऑस्ट्रेलिया में किसी एशियाई लेफ्ट-आर्म पेसर का यह सर्वश्रेष्ठ टेस्ट गेंदबाजी प्रदर्शन हो गया है.

