नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर यशस्वी जायसवाल को उनके मैदान पर किए जाने वाले लफड़े के लिए जाना जाता है. भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दौरान भी वो अपनी हरकत की वजह से विवादों में घिर गए. रविवार को भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया. केएल राहुल के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे यशस्वी ने आउट होने के बाद श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो से मैदान पर बहस की. उनकी झड़प पर आईसीसी की कड़ी कार्रवाई कर सकता है.
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने शुरुआत अच्छी नहीं रही. पहले केएल राहुल महज 18 रन बनाकर आउट हुए और फिर डटकर बल्लेबाजी कर रहे यशस्वी जायसवाल भी अपना विकेट गंवा बैठे. श्रीलंका के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक होकर खेल रहे यशस्वी 45 रन बनाकर आउट हुए. उनको असिथा फर्नांडो ने क्लीन बोल्ड कर वापसी का टिकट थमाया.जायसवाल ने 53 गेंद में उन्होंने 9 चौके की मदद से 45 रन बनाए. पारी के 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर फर्नांडो ने यशस्वी को एक तेज रफ्तार इन स्विंग बॉल पर बोल्ड कर दिया.
पिछले कुछ ओवर में यशस्वी जायसवाल लगातार आक्रमक शॉट्स लगा रहे थे. 17वें ओवर में दूसरी बॉल पर उन्होंने जोरदार चौका लगाया. इसके बाद चौथा गेंद को भी बाउंड्री पार पहुंचाया. फिर अगली ही बॉल पर झन्नाटेदार शॉट लगाकर चौका बटोरा. ओवर में 12 रन बना चुके यशस्वी को असिथा ने एक अंदर आती बॉल पर चकमा दिया और उनकी गिल्लियां बिखेर दी. तीन चौका खाने के बाद मिली सफलता से उत्साहित होकर गेंदबाज ने जश्न मनाना शुरू किया. इस पर यशस्वी जायसवाल आगे बढ़कर गए और दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. मामला बढ़ता देख मैदान पर मौजूद श्रीलंका के खिलाड़ी एक जगह पर जमा हो गए. देवदत्त पडिक्कल ने जायसवाल को वहां से जाने के लिए समझाने की कोशिश की लेकिन वो नहीं माने. जायसवाल ने फर्नांडो को कुछ कहा और मामला बिगड़ गया.
अगर इस घटनाक्रम को देखें तो यहां गलती भारतीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की नजर आती है. गेंदबाज ने विकेट लेने के कुछ देर बाद इसका सेलिब्रेशन किया था. वो उनकी तरफ देख भी नहीं रहे थे और अपना सेलिब्रेशन कर रहे थे. यशस्वी को उनका इस तरह से विकेट लेने के बाद का अग्रेशन भड़काने वाला लगा. वो श्रीलंकाई गेंदबाज की तरफ बढ़े और उनके उलझ गए जबकि श्रीलंका गेंदबाज अपनी जगह पर ही खड़े थे. अब इस घटना को लेकर आईसीसी की आचार संहिता के तहत कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.
आईसीसी ने मैदान पर खिलाड़ियों द्वारा किए जाने वाले व्यवहार के लिए कोड ऑफ कंडक्ट बनाया हुआ है. आईसीसी की आचार संहिता में किसी इंटरनेशनल मैच के दौरान दूसरे खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य व्यक्ति पर शारीरिक हमला गंभीर अपराध माना गया है. इसी तरह मैदान पर अगर खिलाड़ी किसी भी तरह की हिंसा करते पा जाते हैं तो ये नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा. इस कैटेगरी में दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है. Level 4 अपराध में खिलाड़ी पर कम से कम 5 टेस्ट या 10 वनडे मैचों का प्रतिबंध लगाया जा सकता है. गंभीर मामले में सजा आजीवन प्रतिबंध तक जा सकती है.

