गुरुग्रामः दिल्ली से सटे गुरुग्राम के दक्षिणी इलाके में तेजी से बढ़ते ट्रैफिक के बीच सेक्टर 68/69 की डिवाइडिंग सड़क पर लंबे समय से चली आ रही कनेक्टिविटी की समस्या अब दूर होगी. प्रदेश के मंत्री नरबीर सिंह ने रविवार को करीब 900 मीटर लंबे मिसिंग लिंक के निर्माण का शिलान्यास किया. इसके बनने से सदर्न पेरिफेरल रोड और सोहना रोड के बीच सीधा संपर्क मजबूत होगा. साथ ही सेक्टर 68, 69, 70, 70ए, 75 और 76 के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी.
सर्विस रोड, पैदल पथ और जल निकासी की होगी सुविधा
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की तरफ से इस परियोजना को केवल सड़क निर्माण तक सीमित न रखकर एकीकृत कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा. इसमें मुख्य सड़क के साथ सर्विस रोड, पैदल पथ, जल निकासी और ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा. शिलान्यास कार्यक्रम में राव नरबीर सिंह ने कहा कि गुरुग्राम के तेजी से विस्तार के साथ आधारभूत ढांचे को भी उसी स्पीड से मजबूत करना जरूरी है. यह प्रोजेक्ट क्षेत्र के निवासियों के साथ रोजाना आवागमन करने वाले लोगों और कारोबारियों के लिए संपर्क व्यवस्था बेहतर करेगी.
900 मीटर की लंबी मेन रोड बनेगी
परियोजना के तहत करीब 900 मीटर लंबी नई मुख्य सड़क बनाई जाएगी. इसके अलावा लगभग 1100 मीटर मौजूदा सड़क पर नई परत बिछाने का काम होगा. लोकल ट्रैफिक को मेन रोड से अलग रखने के लिए करीब दो किलोमीटर लंबी दो लेन की सर्विस रोड भी बनाई जाएगी. बताया जा रहा है कि सड़क के आसपास ग्रीन एरिया और पौधारोपण का काम भी किया जाएगा.
इन सेक्टरों में होगी बेहतर कनेक्टिविटी
अधिकारियों के मुताबिक मिसिंग लिंक तैयार होने के बाद एपीआर, सोहना रोड और आसपास के सेक्टरों के बीच यातायात का संपर्क बेहतर होगा और क्षेत्र की भविष्य की आवागमन संबंधी जरूरतों के लिए रोड नेटवर्क को मजबूती मिलेगी. संबंधित अधिकारियों को परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ाने और निर्धारित 12 महीने की समयसीमा से इसे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रोजेक्ट में पैदल चलने वालों के लिए अलग से फुटपाथ बनाया जाएगा.
