वैश्विक व्यापार दबाव के चलते दहला भारतीय शेयर बाजार
Share Market Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पिछले दो दिन में भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली दिखाई दी। हालांकि सोमवार को गिरावट सामान्य थी लेकिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार बुरी तरह से दहल गया। बाजार के इस तरह के बर्ताव से एक ही दिन में निवेशकों को नौ लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। जानकारों ने इस गिरावट के पीछे रुपए की कमजोर हालत, वैश्विक व्यापार युद्ध की बढ़ती चिंता और अमेरिका द्वारा अन्य देशों के प्रति दिए जा रहे नए बयान बताया गया है।
इस तरह रही शेयर बाजार की चाल
दिन का कारोबारी समय समाप्त होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1065.71 अंक या 1.28 प्रतिशत गिरकर 82,180.47 अंक पर बंद हुआ। दिन के दौरान, यह 1,235.6 अंक या 1.48 प्रतिशत गिरकर 82,010.58 पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 353.00 अंक या 1.38 प्रतिशत गिरकर 25,232.50 पर बंद हुआ। बाजार में जारी गिरावट के बीच बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका लगा।
दिनभर के कारोबार में बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब नौ लाख करोड़ रुपये घट गया। यह गिरावट साल की शुरूआत से जारी कमजोरी को और गहरा करती है। वर्ष की शुरूआत से अब तक बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियां कुल मिलाकर 20 लाख करोड़ से अधिक के मार्केट कैप का नुकसान झेल चुकी हैं।
इसलिए आई बाजार में गिरावट
अमेरिका की टैरिफ नीतियों को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-यूरोप के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव ने वैश्विक बाजारों में बेचैनी बढ़ा दी है। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एक ही दिन में 3,262 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की। यह लगातार दसवां सत्र रहा जब एफआईआई बाजार से बाहर निकले। दूसरी तरफ विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के निराशाजनक नतीजों और कमजोर आउटलुक ने आईटी शेयरों पर दबाव बनाया।
शुरूआती तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में 1% से ज्यादा की गिरावट ने घरेलू निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया। वहीं डॉलर की मजबूत मांग और विदेशी पूंजी के बाहर जाने से रुपया 7 पैसे टूटकर 90.97 के स्तर पर आ गया। इन सभी कारणों के चलते भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली देखने को मिल रही है जिसके चलते शेयर बाजार लगातार गिर रहा है।
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