
नई दिल्ली. ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से भारत के लिए बुरी खबर आई है. देश के लिए पदक लाने की उम्मीदवार जूडो खिलाड़ी तुलिका मान को बाहर कर दिया गया है. कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 की रजत पदक विजेता जूडो खिलाड़ी को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) की तरफ से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है. इस फैसले के आने के बाद उनको भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है.
रिपोर्ट के अनुसार पिछले 12 महीने में तुलिका मान पर तीसरी बार ‘वेयरअबाउट्स फेल्योर’ (Whereabouts Failures) का आरोप लगा है. विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) के नियमों में साफ है कि 12 महीनों में तीन बार अगर कोई खिलाड़ी अपने लोकेशन की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराता है या डोप टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं होता है तो एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन माना जाएगा. इस मामले में उन्हें अधिकतम दो साल के प्रतिबंध झेलना पड़ सकता है.
27 साल तुलिका मान ग्लासगो में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीदों में शामिल थीं. उन्होंने देश के लिए 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के +78 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था. भारतीय जूडो टीम के एक कोच ने बताया कि NADA से नोटिस मिलने के बाद तुलिका मान को टीम से हटा दिया गया है.
यह लगातार दूसरा दिन है जब भारतीय जूडो दल के किसी खिलाड़ी को प्रतियोगिता से पहले बाहर होना पड़ा है. इससे पहले पुरुषों के -73 किलोग्राम वर्ग के जूडोका अरुण कुमार को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया था. अरुण कुमार का प्रतियोगिता से बाहर किए जाने का कारण आउट-ऑफ-कम्पटीशन डोप टेस्ट में प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव पाया जाना था. अभी जूडो के इवेंट शुरु नहीं हुए हैं भारतीय जूडो टीम 27 जुलाई को ग्लासगो के लिए रवाना होने वाली है. जूडो प्रतियोगिताएं 31 जुलाई से शुरू होंगी. दो खिलाड़ियों का बाहर होना भारत के लिए बड़ा झटका है.
WADA के नियमों के तहत रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल में शामिल खिलाड़ियों को नियमित रूप से अपनी ट्रेनिंग, रहने की जगह और रोजाना एक घंटे का समय NADA/WADA को बताना होता है. जिससे कि बिना पूर्व सूचना के डोप टेस्ट किया जा सके. यदि कोई खिलाड़ी 12 महीनों में तीन बार यह जानकारी देने में नाकाम रहता है. परीक्षण के लिए उपलब्ध नहीं होता, तो इसे एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन माना जाता है.
