कहा, द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर फिलहाल भारत वेट एंड वाच की स्थिति में है
Business News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत और अमेरिका के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का एक बड़ा बयान सामने आया है। ज्ञात रहे कि इस समझौते को लेकर जहां दोनों देशों में आपसी सहमति बन चुकी थी और मार्च में इसपर हस्ताक्षर होने की पूरी संभावना थी। वहीं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ पर आए फैसले से एक बार फिर से स्थिति बदल गई है। इस द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत फिलहाल रुको और इंतजार करो की स्थिति में है और हालात लगातार बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देश के हितों की रक्षा के लिए स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।
भारत की बातचीत की स्थिति पर गोयल ने कहा कि परिस्थितियां अभी गतिशील हैं और विभिन्न स्तरों पर संवाद जारी है। उन्होंने संकेत दिया कि हालात बदलने पर व्यापार समझौते में संतुलन (रीबैलेंस) की गुंजाइश भी रखी गई है। टैरिफ दरों को लेकर पूछे गए प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि अगर शुल्क दर 18 प्रतिशत के बजाय 15 प्रतिशत होती है, तो निर्यात को बिना बाधा जारी रखने में मदद मिलेगी। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी व्यापार समझौते का आकलन केवल टैरिफ के आधार पर नहीं, बल्कि उसके व्यापक सकारात्मक पहलुओं के आधार पर किया जाना चाहिए।
दोनों देशों के बीच समझौते पर बातचीत जारी
गोयल ने कहा कि भारत अमेरिकी प्रशासन के साथ लगातार संवाद में है और आंतरिक स्तर पर भी विचार-विमर्श जारी है। उन्होंने कहा कि यह एक विकसित होती स्थिति है। हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत के सर्वोत्तम हित सुरक्षित रहें। मंत्री ने आश्वस्त किया कि भारत बेहतर अवसरों के लिए संवाद की नीति पर कायम है और वैश्विक व्यापार में अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत करने के लिए प्रयास जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ हो रही बातचीत का उद्देश्य ऐसा समझौता सुनिश्चित करना है, जिससे भारत को अन्य उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके और राष्ट्रीय हित के क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खुलें।
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