विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी और ईरान संकट के चलते आई गिरावट
Rupee vs Dollar (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : वर्तमान में घट रही वैश्विक घटनाओं के चलते भारतीय मुद्रा पर दबाव लगातार बना हुआ है। यह डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रही है। यही कारण है कि शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी रुपए में डॉलर के मुकाबले बड़ी कमजोरी देखी गई। दिन का कारोबार शुरू होते ही रुपया लाल निशान पर पहुंच गया। इसके बाद पूरा दिन यह गिरावट में रहा और दिन का कारोबार समाप्त होने के समय यह प्रति डॉलर 89 पैसे की भारी गिरावट के साथ 94.85 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले बुधवार को यह 93.96 पर बंद हुआ था (गुरुवार को रामनवमी के कारण बाजार बंद थे)।
पिछले तीन दिन इस तरह रहा प्रदर्शन
रुपये में यह गिरावट विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी और ईरान संकट के कारण हुई है, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। बुधवार को पिछले सत्र में रुपया 29 पैसे फिसलकर 94 के स्तर को पार कर 94.05 पर बंद हुआ था। रुपये में गिरावट का यह सिलसिला मंगलवार से जारी है। मंगलवार को रुपया 23 पैसे कमजोर होकर 93.76 पर बंद हुआ था। बुधवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 93.94 पर खुला और 93.86 से 94.08 के बीच कारोबार करने के बाद अपने अब तक के सबसे निचले बंद स्तर पर पहुंचा। मध्य पूर्व में जारी तनाव भी रुपये पर दबाव डाल रहा है।
बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर से बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। जानकारों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे नीतिगत बदलावों, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और लगातार भू-राजनीतिक अनिश्चितता के जटिल मिश्रण ही सबसे बड़ा कारण रहा। इसके सथ ही विदेशी निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के चलते लगातार की जा रही बिकवाली और रुपए की गिरती साख ने भी भारतीय शेयर बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। इसी के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ।
इस तरह रहा शेयर बाजार का हाल
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,690.23 अंक या 2.25 प्रतिशत गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 1,739.04 अंक या 2.31 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 73,534.41 पर पहुंच गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 486.85 अंक या 2.09 प्रतिशत गिरकर 22,819.60 पर बंद हुआ।

