कहा, देश में पर्याप्त स्टॉक, रिफाइनरियां भी कर रहीं तेजी से तेल उत्पादन
Oil and LPG Supply (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : आने वाला समय दुनिया भर के लिए नई मुश्किलें ला सकता है। अमेरिका-ईरान वार्ता बिना किसी नजीते के समाप्त होने से नई समस्या विश्व के सामने खड़ी हो गई है। एक तरफ जहां ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह से अपना नियंत्रण होने की घोषणा की है तो वहीं अमेरिका ने इसी घेराबंदी कर दी है। इससे यह आशंका बनी हुई है कि आने वाले दिनों में होर्मुज पूरी तरह से बंद रह सकता है।
इससे जहां जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होगी वहीं भारत में तेल और गैस की आपूर्ति की समस्या पैदा हो सकती है। इसी के चलते देश भर में अफवाहों का दौर शुरू हो चुका है। इसी बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर से लोगों को यह विश्वास दिलाया है कि निकट भविष्य में हमारे देश में ऐसी कोई भी समस्या सामने नहीं आएगी। देश में तेल और गैस का पर्याप्त स्टॉक है और इसकी सप्लाई पूरी तरह से सुचारू है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने वर्तमान स्थिति बारे दी जानकारी
दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी अस्थाई संकट के बीच भारत सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश की सभी तेल रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। सरकार के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। साथ ही, पेट्रोल और डीजल का भंडार भी इतना है कि बाजार में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य उछाल के बावजूद सरकार ने घरेलू बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर रखा है।
अभी दाम बढ़ने के नहीं हैं आसार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल महंगा होने का असर सीधे जनता की जेब पर न पड़े, इसके लिए भारत सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली उत्पाद शुल्क यानी कि एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी है। इसके अलावा, घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्यात पर सख्ती बढ़ा दी गई है। 11 अप्रैल 2026 को जारी अधिसूचना के मुताबिक, डीजल के निर्यात पर लेवी बढ़ाकर 55.50 रुपये और हवाई ईंधन पर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
सरकार के मुताबिक, आम घरों की जरूरतों को देखते हुए रिफाइनरियों से एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित कोटे से अलग 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। दवा, खाद्य वितरण और रसायन जैसे महत्वपूर्ण उद्योगों को भी रोजाना 800 मीट्रिक टन सी3 और सी4 स्ट्रीम की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
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