साल 2029 तक वैश्विक सार्वजनिक ऋण जीडीपी के 100% को पार करने की आंशका
IMF Financial Report (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पिछले काफी समय से विश्व के सभी प्रमुख देश अलग-अलग तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। वहीं यह चुनौतियां पिछले साल अप्रैल से अपने चरम पर हैं। एक तरफ जहां पूरी दुनिया के देश अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ से जूझते रहे वहीं अब अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध और पश्चिमी एशिया में फैले तनाव ने वित्तीय चुनौतियों को बढ़ा दिया है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चौकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। विश्व की मौजूदा आर्थिक स्थिति संबंधी रिपोर्ट पेश करते हुए आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉजीर्वा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और बढ़ते कर्ज को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है।
रिपोर्ट में यह आया सामने
क्रिस्टालिना ने स्पष्ट किया है कि बार-बार आ रहे वैश्विक झटकों के कारण दुनिया भर में सार्वजनिक कर्ज खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। जॉजीर्वा के अनुसार, दुनिया भर में बढ़ते वित्तीय दबावों के बीच अनुमान है कि वर्ष 2029 तक वैश्विक सार्वजनिक ऋण जीडीपी के 100% को पार कर जाएगा। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ऋण का सबसे उच्चतम स्तर होगा। इसके साथ ही, मौजूदा संकट के बीच 20 से 50 अरब डॉलर की नई वैश्विक वित्तीय मांग पैदा होने की संभावना है।
भारत और आसियान के लिए राहत के संकेत
वैश्विक स्तर पर मंडराते इस कर्ज संकट और भू-राजनीतिक तनाव के बीच, आईएमएफ प्रमुख ने भारत की स्थिति को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। जॉजीर्वा के अनुसार, भारत जैसी मजबूत बुनियादी अर्थव्यवस्थाओं के इस संकट के बीच बेहतर प्रदर्शन करने की पूरी संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत में किसी भी प्रकार की तीव्र आर्थिक मंदी का कोई खतरा नहीं दिखाई देता है। हालांकि भारत सुरक्षित स्थिति में है, लेकिन जॉजीर्वा ने भारतीय वित्तीय क्षेत्र को अर्थव्यवस्था के लिए एक ‘प्रमुख निगरानी बिंदू’ (मॉनिटरिंग पॉइंट) बताया है, जिस पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। भारत के अलावा, आसियान देश भी वैश्विक झटके को अपेक्षाकृत काफी अच्छी तरह से झेल रहे हैं।
ये भी पढ़ें : Gold Price Today : सोना तीन हजार महंगा, चांदी 11,800 रुपए चमकी

