पुलिस ने किया खुलासा, कई एतिहासिक स्थानों की कर चुके थे रेकी आतंकी, आईईडी विस्फोट से मचानी थी तबाही
Delhi Crime News (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने चौकसी दिखाते हुए कुछ ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है। जो देश की राजधानी को दहलाने की तैयारी में थे। हालांकि गनीमत यह रही की ये समय रहते दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आ गए और पुलिस ने इनकी सारी साजिश को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही बेनकाब कर दिया।
इन सभी आतंकियों को दिल्ली पुलिस ने देश के अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। चारों आरोपी मोसैब अहमद, मोहम्मद हम्माद, मोहम्मद सोहेल और शेख इमरान निम्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से हैं। पकड़े गए आरोपी दिल्ली की प्रमुख और एतिहासिक इमारतों की रेकी कर चुके थे और इनका मकसद जल्द ही इन इमारतों पर आईईडी विस्फोट की तैयारी में थे।
इस तरह लोगों को अपने साथ जोड़ रहे
पकड़े गए आरोपियों से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पता चला की वे अपने नेटवर्क को सोशल मीडियाा की मदद से लगातार मजबूत कर रहे थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से जिन चार कट्टरपंथीयुवकों को गिरफ्तार किया है वह आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे। कुछ संवेदनशील जगहों को निशाना बनाने के लिए उनकी रेकी की थी और एन्क्रिप्टेड आॅनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अन्य लोगों को भर्ती करने की कोशिश कर रहे थे।
आरोपियों से पुलिस ने यह सामान किया जब्त
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) और उससे जुड़ा सामान जब्त किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दो आरोपी भीड़भाड़ वाली जगहों को निशाना बनाने के लिए आईईडी युक्त रिमोट संचालित टॉय कार को तैयार कर रहे थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि ये कथित तौर पर काले झंडे लेकर चलने वाले ‘खुरासान के लश्कर’ की अवधारणा से भी प्रेरित थे, जिसका इस्तेमाल उन्होंने दूसरों को कट्टरपंथी बनाने के अपने दुष्प्रचार के हिस्से के तौर पर किया।
उन्होंने कहा कि आरोपी बंद और एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया समूहों पर सक्रिय थे, जहां जिहाद, कट्टरपंथी सोच और हथियारों से जुड़ी सामग्री साझा की जाती थी। इन मंचों का इस्तेमाल कथित तौर पर नए सदस्यों की पहचान करने और भर्ती करने के लिए किया जाता था। आरोपियों में से एक दिसंबर 2025 में दिल्ली आया था और उसने लाल किला और इंडिया गेट समेत खास जगहों की रेकी की थी। जांचकतार्ओं ने कहा कि इस मॉड्यूल ने अयोध्या में राम मंदिर, संसद भवन और कुछ सैन्य प्रतिष्ठानों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर संभावित हमलों पर भी चर्चा की थी।

