दिल्ली: गोविंदपुरी की रहने वाली एक सिंगल वर्किंग महिला गुरपिंदर (KNO : 7022141000) ने दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही की शिकायत की है। उनके अनुसार, जल बोर्ड के कर्मचारी कई महीनों से मीटर रीडिंग लेने नहीं आ रहे हैं, जिसके चलते बिना रीडिंग के अनुमानित बिल भेजे जा रहे हैं। महिला को बेवजह गिरी नगर जल बोर्ड के दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
शिकायतकर्ता महिला गुरपिंदर कौन ने बताया कि जब उन्होंने संबंधित गिरी नगर जल बोर्ड के दफ्तर में संपर्क किया तो अधिकारियों ने क्षेत्र को “बहुत congested” बताते हुए रीडिंग लेने में दिक्कत का हवाला दिया। महिला ने पूछा कि इसमें उनका क्या कसूर है, तो जवाब मिला कि ऑफिस आकर बिल बनवा लें।
गुरपिंदर ने बताया कि 2-3 महीनों से कोई कर्मचारी मीटर चेक करने नहीं आया। 20 जुलाई 2026 को वे खुद मीटर की फोटो खींचकर गिरी नगर जल बोर्ड ऑफिस पहुंची और बिल बनाने की गुजारिश की। वहां से उन्हें व्हाट्सएप पर बिल बनवाने का नंबर दिया गया।
महिला ने बताया कि मयंक चौधरी और ऋतिक कुशवाहा नाम के दो कर्मचारियों से बात हुई, लेकिन उचित समाधान नहीं मिला। उन्होंने कहा, “मैं हर रोज लीव लेकर ऑफिस नहीं आ सकती। मीटर रीडिंग लेना उनकी ड्यूटी है, लेकिन वो नहीं आ रहे और बिल में गड़बड़ी हो रही है।”
गुरपिंदर ने इसे मानसिक harassment बताया और कहा कि सिंगल महिला होने के नाते बार-बार ऑफिस जाना और अनिश्चित बिल उन्हें परेशान कर रहे हैं। दिल्ली जल बोर्ड की और से इस मामले में प्रतिक्रिया का इंतजार है। प्रतिक्रिया मिलने पर खबर अपडेट की जाएगी
