बीएसई सेंसेक्स 582.86 अंक व निफ्टी 180.10 अंक गिरकर हुआ बंद
Share Market Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच लगातार पेंचिदा हो रही स्थिति का सीधा असर क्रूड आॅयल की कीमतों पर पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने और खाड़ी देशों में तेल उत्पादन प्रभावित होने के चलते क्रूड की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 121 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया था, जो पिछले चार वर्षों का उच्चतम स्तर है।
इसका सीधा असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा उछाल के कारण घरेलू बाजार में भारी बिकवाली हुई, जिससे बीएसई सेंसेक्स 582.86 अंक गिरकर 76,913.50 पर बंद हुआ। निफ्टी 180.10 अंक गिरकर 23,997.55 पर आ गया।
गुरुवार को सेंसेक्स 914.12 अंकों की भारी गिरावट के साथ 76,582.24 पर खुला और दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद अंतत: 582.86 अंक (0.75 प्रतिशत) टूटकर 76,913.50 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (ठरए) का निफ्टी 50 भी 278.45 अंक गिरकर 23,899.20 पर खुला था। कारोबार के अंत में यह 180.10 अंक (0.74 प्रतिशत) का गोता लगाकर 23,997.55 पर आ गया।
वैश्विक बाजारों का सुस्त रुख
केवल भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों में भी निराशाजनक रुख देखा गया। जकार्ता कंपोजिट में 2.08 प्रतिशत, हैंग सेंग में 1.39 प्रतिशत और निक्केई 225 में 1.29 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, अमेरिकी बाजारों में भी मिला-जुला लेकिन नकारात्मक रुख रहा। डाउ जोंस 0.18 प्रतिशत और एसएंडपी 500 0.04 प्रतिशत लाल निशान में रहे, जबकि नैस्डैक में 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखी गई।
कच्चे तेल में आग और भू-राजनीतिक संकट
बाजार में इस भारी बिकवाली का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आया जबरदस्त उछाल है। शुरूआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड 121 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया था, जो पिछले चार वर्षों का उच्चतम स्तर है। हालांकि, बाद में यह 1.22 प्रतिशत गिरकर 116.59 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी 108 डॉलर के करीब पहुंच गया।
ये भी पढ़ें : US-Iran War Update : अमेरिका के लिए मुसीबत बन रहा ईरान युद्ध

