दिल्ली : बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) चुनावों में कथित बैलेट पेपर से छेड़छाड़ के आरोपों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मतगणना प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत एवं न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने अधिवक्ता बिरेंद्र सांगवान और बाकियों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पारित किया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने न्यायालय के समक्ष कहा कि “छेड़छाड़ किए गए बैलेट पेपरों की गिनती की जा रही है” तथा यह बार की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा अत्यंत गंभीर एवं आपातकालीन मामला है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले के प्रभावी निस्तारण के लिए मूल रिकॉर्ड एवं बैलेट पेपरों की जांच आवश्यक हो सकती है, इसलिए दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई के लिए अधिक उपयुक्त मंच होगा। न्यायालय ने मामले को दिल्ली हाईकोर्ट को स्थानांतरित करते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि इस सप्ताह के भीतर एक विशेष खंडपीठ गठित कर मामले की प्रतिदिन सुनवाई सुनिश्चित की जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जब तक हाईकोर्ट अंतिम निर्णय नहीं लेता, तब तक “बैलेट पेपरों की आगे की मतगणना स्थगित रखी जाएगी।” साथ ही न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व हाईकोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति तलवंत सिंह द्वारा 2 मई को चुनाव प्रक्रिया से संबंधित भेजे गए सीलबंद पत्र का भी संज्ञान लिया तथा निर्देश दिया कि उसे पुनः सीलबंद कर दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजा जाए।
अब इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की विशेष खंडपीठ के समक्ष शीघ्र होने की संभावना है।
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने मतगणना पर लगाई रोक, मामला दिल्ली हाईकोर्ट को सौंपा
परवेश चौहान
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