थोक महंगाई दर भी 10 प्रतिशत से जाएगी पार
Petrol-Diesel Price Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : देश में बढ़ती महंगाई से अभी राहत की कोई बड़ी उम्मीद दिखाई नहीं दे रही। अमेरिका और ईरान के आपसी टकराव के चलते पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार है। वहीं दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य भी लगातार बंद है जिससे जरूरी वस्तुओं की सप्लाई लगातार प्रभावित हो रही है। खासकर पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई जरूरत के अनुरूप नहीं हो रही। इसी बीच सिस्टेमैटिक्स की एक रिसर्च रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि आने वाले समय में तेल के दाम और बढ़ेंगे।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में हुई तीन रुपये की बढ़ोतरी तो बस शुरूआत है। रिपोर्ट के मुताबिक, थोक महंगाई दर का 10 प्रतिशत के पार जाना अब कोई मामूली खतरा नहीं, बल्कि हकीकत बनने वाला है। अप्रैल 2026 के आंकड़े बताते हैं कि थोक महंगाई 42 महीने के उच्चतम स्तर 8.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसमें ईंधन और बिजली क्षेत्र की महंगाई दर 24.71 प्रतिशत तक जा चुकी है।
तेल कीमतों में वर्तमान वृद्धि नाकाफी
इस बीच, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रह सकती हैं। तेल कंपनियों को पिछले तीन महीनों में करीब 1.7 से 1.8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अभी जो कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, उससे इस नुकसान की केवल सात से आठ प्रतिशत ही भरपाई हो पाएगी। इसलिए घाटे को पूरा करने के लिए कीमतों में और भी कई दौर की बढ़ोतरी हो जाए सकती है।
जीडीपी ग्रोथ पर पड़ेगा नकारात्मक असर
महंगाई बढ़ने से लोगों की खरीदारी कम होगी, जिससे जीडीपी ग्रोथ रिजर्व बैंक के 6.9 प्रतिशत के अनुमान से काफी नीचे गिर सकती है। इसके अलावा, रुपया कमजोर होकर 100 के पार जा सकता है। विदेशी मुद्रा के लेन-देन में घाटा बढ़ने से रिजर्व बैंक को ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं, जिससे अर्थव्यवस्था की मुश्किलें और बढ़ेंगी।

