सोने और चांदी की कीमतों में असमान्य बदलाव से परेशानी में निवेशक
Gold-Silver Price (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच एक तरफ जहां शांति समझौते के लिए लगातार बातचीत जारी है वहीं दोनों के बीच तनाव भी चरम पर है। अमेरिका और ईरान के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से युद्ध को लेकर लगातार आ रहे बयानों से न केवल विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में चिंता बनी हुई बल्कि सर्राफा बाजार में भी अनिश्चित्ता का माहौल हो।
सोने और चांदी में असमान्य उतार-चढ़ाव से निवेशकों के साथ-साथ व्यापारी वर्ग भी परेशान है। मंगलवार को राष्टÑीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत अपने पिछले बदं से 800 रुपए बढ़ गई वहीं चांदी की कीमतों में 5000 रुपए की गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय बाजार के कारोबारियों के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1,63,600 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह सोमवार के बंद भाव 1,62,800 रुपए प्रति 10 ग्राम से 800 रुपये अधिक है। दूसरी ओर, चांदी की कीमतें 5,000 रुपए घटकर 2,71,000 रुपए प्रति किलोग्राम हो गईं।
चांदी में गिरावट के पीछे यह भी कारण
औद्योगिक मांग में कमजोरी और वैश्विक बाजारों में सुस्त रुझान के कारण चांदी में यह गिरावट आई। जानकारों का कहना है कि अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीदों से सोने को समर्थन मिला। इससे ऊर्जा-आधारित महंगाई के दबाव को कम करने में मदद मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले को स्थगित करने की बात कही थी। इससे राजनयिक समाधान की संभावना बढ़ी। भू-राजनीतिक तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में भी थोड़ी कमी आई।
कच्चे तेल की कीमतें भी डाल रहीं असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 0.47 फीसदी की गिरावट के साथ 4,544.78 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। जानकारों का कहना है कि तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट समिति की बैठक के कार्यवृत्त का इंतजार कर रहे हैं। इससे ब्याज दर चक्र और बुलियन कीमतों पर इसके प्रभाव के बारे में संकेत मिलेंगे। वैश्विक ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण बुलियन कीमतें निकट भविष्य में अस्थिर रह सकती हैं।

