सुप्रीम कोर्ट ने कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में कराने की मांग खारिज की
Supreme Court, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: 21 जून को होने वाला नीट री-एग्जाम पेन-पेपर मोड में होगा। सुप्रीम कोर्ट ने नीट री-एग्जाम को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में कराने की मांग को खारिज कर दिया है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने नीट की दोबारा परीक्षा सीबीटी मोड में कराने की मांग की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई जुलाई में तय की है। गौरतलब है कि देशभर में 3 मई को नीट-यूजी परीक्षा हुई थी। 7 मई की शाम पेपर लीक की खबर सामने आई थी। 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। 21 जून को री-एग्जाम होगा।
याचिका में बदलाव की मांग
- एटीए की जगह एक स्वतंत्र वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षा प्राधिकरण बनाया जाए। इसके साथ ही पूर्व आईएसआरओ प्रमुख के राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें लागू की जाए। बायोमेट्रिक सत्यापन, अएआई आधारित निगरानी, एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्रश्नपत्र प्रणाली और प्रश्नपत्रों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने जैसे उपाय अपनाए जाए।
- नीट को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा बनाने के लिए रोडमैप तैयार किया जाए। साथ ही परीक्षा केंद्रों के ढांचे, साइबर सुरक्षा और डिजिटल परीक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की स्थिति रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए। साथ ही परीक्षा परिणाम केंद्रवार सार्वजनिक करने का सुझाव दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की पहचान की जा सके।
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