अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि यूएसटीआर ने दिया प्रस्ताव, भारत सहित कुल 60 देशों पर लग सकता है टैरिफ
US New Tariff on India (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : एक तरफ जहां भारत और अमेरिका के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल इसके लिए वर्तमान में भारत के दौरे पर आया हुआ है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका भारत पर एक बार फिर से नया टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। दरअसल यह टैरिफ अकेले भारत पर नहीं बल्कि विश्व के 60 देशों पर लगाया जा रहा है।
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि यूएसटीआर ने भारत समेत 60 देशों पर ये नया टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है। टैरिफ लगाने की वजह ये बताई गई है कि भारत समेत 60 देश जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के निर्यात पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने में विफल रहे हैं।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने दिया प्रस्ताव
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिकी व्यापार कानून 1974 की धारा 301 के तहत पाया गया है कि 60 देशों की नीतियां और कार्यशैली अमेरिकी व्यापार पर गैरजरूरी दबाव बढ़ाती हैं और अमेरिकी व्यापार को बाधित करती हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय, अमेरिका की एक कार्यकारी संघीय एजेंसी है, जो अमेरिका की विदेश व्यापार नीति बनाने के लिए जिम्मेदार है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार, भारत समेत 54 देश उन सामानों के निर्यात पर जरूरी प्रतिबंध लगाने में विफल रहे हैं, जिन्हें जबरन श्रम द्वारा बनाया जाता है। भारत के अलावा इन देशों में आॅस्ट्रेलिया, बहरीन, बांग्लादेश, चीन, जापान, सऊदी अरब, सिंगापुर, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश भी शामिल हैं।
द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर यह बोले थे पीयूष गोयल
ज्ञात रहे कि दो दिन पहले भारत के उद्यौगिक व वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर कहा था कि दोनों देशों के बीच समझौते पर 99 प्रतिशत सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच लंबित मुद्दे सुलझ चुके हैं और जल्द ही दोनों व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। मगर एक बार फिर से अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की तरफ से जारी बयान के चलते भारत की बेचैनी बढ़ना तय है।
ये भी पढ़ें : West Asia Crisis : दोबारा युद्ध की आग में झुलसना शुरू हुआ पश्चिम एशिया

