- जेडी वेंस का स्विट्जरलैंड दौरा कैंसिल
US-Iran Peace Deal, (द भारत ख़बर), वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच हुआ शांति समझौता एक दिन बाद ही खतरे में पड़ता दिखने लगा है। दरअसल, शांति बहाली पर बुधवार को दोनों देशों के बीच बनी सहमति के बाद भी इजरायल के लेबनान में हमले लगातार जारी हैं, जिसके चलते पीस डील को अंतिम रूप दिए जाने से पहले इसमें व्यवधान पैदा हो गया है और डील अधर में फंसती नजर आ रही है।
रिपोर्टों के अनुसार इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने दक्षिणी लेबनान में गुरुवार को हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर रातभर बमबारी की जिससे कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य जख्मी हो गए हैं। इसके बाद स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका-ईरान की बेहद अहम शांति वार्ता को टाल दिया गया है। हिजबुल्लाह के हमलों में इजरायल के चार सैनिक मारे गए हैं जिनमें एक टैंक बटालियन कमांडर भी शामिल है, इससे इजरायल आगबबूला हो गया है।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की उपस्थिति में बुधवार को फ्रांस स्थित वर्साय के महल में ईरान-यूएस के बीच एक 14-सूत्रीय शुरुआती शांति समझौते पर सहमति बनी थी। इस डील का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में इस वर्ष 28 फरवरी से जारी युद्ध को रोकना था। समझौते में साफ तौर पर कहा गया था कि लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकी जाएगी, लेकिन इस डील के तुरंत पश्चात आईडीएफ ने लेबनान स्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अंधाधुंध हवाई हमले शुरू कर दिए।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बीच साफ किया कि इजरायल किसी सूरत तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक हिजबुल्लाह का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह के खात्मे तक इजरायल की सेना लेबनान में रहेगी। हिजबुल्लाह के हमले में अपने 4 सैनिकों की मौत से गुस्साए इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर ने कहा कि पूरा लेबनान जलना चाहिए। बेन गवीर के मुताबिक उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी कहा है कि हर इजराइली मां के आंसुओं के बदले एक हजार लेबनानी मांओं को रोना चाहिए।
यूएस-ईरान के बीच हुए समझौते के तहत कम से कम 60 दिनों के लिए सीजफायर बढ़ाने पर सहमति बनी थी। अगर लेबनान में जंग नहीं रुकी, तो पूरी दुनिया को शांति की उम्मीद देने वाली अमेरिका-ईरान की बड़ी कूटनीतिक कोशिश पूरी तरह फेल हो सकती है।
बता दें कि अमेरिका-ईरान के बीच हुए शांति समझौते को एक स्थायी शांति का रूप देने के मकसद से शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में तकनीकी बातचीत किए जाने का कार्यक्रम था। वहां बुर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में यह बातचीत होनी थी, लेकिन बैठक फिलहाल रद्द हो गई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बातचीत की अगुवाई करने वाले थे, उन्होंने अपना स्विट्जरलैंड दौरा फिलहाल टाल दिया है। व्हाइट हाउस ने इसका कारण ‘लॉजिस्टिक्स’ यानी व्यवस्था संबंधी दिक्कतें बताई हैं। लेकिन हिजबुल्लाह समर्थक मीडिया का कहना है कि ईरान ने लेबनान पर इजरायल के ताबड़तोड़ हमलों के विरोध में अपने प्रतिनिधिमंडल को स्विट्जरलैंड भेजने से इनकार कर दिया है।
इजरायल के आक्रामक रुख से खुश नहीं अमेरिका
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने समझौते के बाद इजरायल को बहुत सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि इस समय पूरी दुनिया में केवल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही एकमात्र ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं, जो इजरायल के प्रति हमदर्दी रखते हैं। वेंस का यह बयान साफ इशारा करता है कि अमेरिका अब इजरायल के आक्रामक रुख से खुश नहीं है और उस पर युद्ध रोकने का भारी दबाव है।
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