Haryana News: हरियाणा के पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आयोजित उत्कृष्ट खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 198 खिलाड़ियों को 20 करोड़ 59 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों, उनके माता-पिता और प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों का सम्मान करना उनके लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर पदक के पीछे केवल कुछ मिनटों का खेल नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण छिपा होता है। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी पदक जीतता है तो उसके साथ उसका परिवार, गांव, प्रदेश और पूरा देश गौरवान्वित होता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने हमेशा देश को ऐसे खिलाड़ी दिए हैं जिन्होंने ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे ऐसा व्यक्तित्व विकसित करें जिससे आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लें।
सीएम सैनी ने कहा कि ने खेलों में आधुनिक तकनीक की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) खिलाड़ियों की फिटनेस का विश्लेषण कर रही है, चोट की आशंका का पहले से आकलन कर रही है और प्रशिक्षण को अधिक वैज्ञानिक बना रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि AI खिलाड़ी की गति और तकनीक का विश्लेषण कर सकती है, लेकिन उसके जुनून और जज़्बे को नहीं माप सकती। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को केवल पुरस्कार ही नहीं दे रही, बल्कि खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार खेल अकादमियों, खेल नर्सरियों, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और खेल अवसंरचना का विस्तार कर रही है। अब हरियाणा स्टेट गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी खेल ग्रेडेशन का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को तैयारी के लिए अग्रिम वित्तीय सहायता देने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा खेल रत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद और तेनजिंग नोर्गे पुरस्कार विजेताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये, जबकि भीम अवार्ड विजेताओं को प्रतिमाह 5 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले लगभग 12 वर्षों में राज्य सरकार ने करीब 1100 करोड़ रुपये खेल अवसंरचना पर खर्च किए हैं और खेल विभाग का बजट बढ़ाकर 668.42 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
सीएम सैनी ने किया बड़ा दावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय स्तर का अत्याधुनिक वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी भारत के लिए और अधिक पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाएंगे।


