Bajrang Setu Entry Fees: ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में बने बजरंग सेतु पर आने-जाने के लिए पर्यटकों को एंट्री फीस देनी होगी। ग्लास स्काईवॉक (कांच वाला पुल) पर जाने के लिए वयस्कों से 100 रुपये, जबकि बच्चों से 50 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। शुल्क के लिए PWD डिपार्टमेंट ने एसओपी तैयार कर ली है, जिसे राज्य सरकार से मंजूरी भी मिल गई है।
कांच के फर्श वाला पहला सस्पेंशन पुल
बजरंग सेतु भारत का पहला कांच के फर्श वाला केबल सस्पेंशन ब्रिज है। इस पुल को ऋषिकेश में गंगा नदी पर पुराने लक्ष्मण झूला के पास बनाया गया है, जो टिहरी गढ़वाल में तपोवन को पौड़ी गढ़वाल में जोंक से जोड़ता है। लगभग 60-70 करोड़ रुपए की लागत से बने इस 132 मीटर लंबे और 8 मीटर चौड़े पुल में दो-पहिया वाहनों के लिए 5 मीटर चौड़ा सेंट्रल स्टील डेक और दोनों तरफ ग्लास वॉकवे बनाए गए हैं। ग्लास वॉकवे को मजबूत, 12 मिमी मोटे टेम्पर्ड ग्लास की परतों से बनाया गया है।
आकर्षण का केंद्र बना यह पुल
ऋषिकेश में गंगा के ऊपर बना बजरंग सेतु अब सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि तीर्थनगरी का नया आकर्षण बन गया है। लक्ष्मण झूला के विकल्प के तौर पर तैयार किए गए इस आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज को तकनीक, सुरक्षा और पर्यटन, तीनों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। अब इस पुल के इस्तेमाल को लेकर ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिसके तहत हर कोई पुल के हर हिस्से में अपनी मर्जी से आवाजाही नहीं कर सकेगा।
कांवड़ियों के लिए प्रतिबंधित
कांवड़ यात्रा के दौरान कांच वाला हिस्सा पूरी तरह बंद रखा जाएगा। कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल आवाजाही करते हैं और इस दौरान पुल पर भीड़ का दबाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे में कांच से बने हिस्से को कांवड़ियों के लिए प्रतिबंधित रखने की तैयारी है।

