
नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं जिसे सुनकर यकीन नहीं होता. ऐसा ही एक अनोखा कारनामा ऑस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर जिम्मी मैथ्यूज ने आज से तकरीबन 114 साल पहले किया था. उन्होंने एक ही टेस्ट मैच की दोनों पारियों में हैट्रिक लेने का कारनामा कर दिखाया था. सबसे हैरानी वाली बात यह रही कि दोनों हैट्रिक एक ही दिन में लिया गया था. यह एक मात्र ऐसा कारनामा है क्योंकि इसके बाद क्रिकेट इतिहास में ऐसा दोबारा नहीं हुआ.
साल 1912 में इंग्लैंड में तीन देशो के बीच टेस्ट सीरीज खेली गई थी. ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका की टीमों ने इस खास टूर्नामेंट में भाग लिया था. 27 मई को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच यह रिकॉर्ड बुक में दर्ज टेस्ट मैच शुरू हुआ था. दूसरे दिन के खेल में 28 मई 1912 को मैथ्यूज ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसकी बराबरी करना नामुमकिन जैसा है. ऐसा किसी भी टेस्ट मैच में दोबारा नहीं हो पाया.
इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने पहली पारी में 448 रन बनाए थे. इसके बाद साउथ अफ्रीका की टीम को महज 265 रन पर ढेर कर दिया. इस पारी के दौरान मैथ्यूज ने साउथ अफ्रीकी की बल्लेबाजी को तहस नहस कर दिया. चार्ल्स लेवेलिन का विकेट लेने के बाद मैथ्यूज ने अगली बॉल पर रेगी श्वाज को अपना शिकार बनाया. इसके बाद अल्बर्ट वो गेलर को विकेट के पीछे कैच कराकर पहली हैट्रिक पूरी की. साउथ अफ्रीका की टीम को फॉलोऑन खेलने पर मजबूर होना पड़ा.
मैथ्यूज की घातक गेंदबाजी का कहर दूसरी पारी में भी प्रोटियाज टीम को झेलना पड़ा. उन्होंने रोलैंड ब्यूमोंट को क्लीन बोल्ड कर दिया. इसके बाद सिड पेगलर को अगली बॉल पर LBW कर दिया. उनके सामने विकेटकीपर टॉमी वार्ड बल्लेबाजी कर रहे थे मैथ्यूज ने अपनी ही बॉल पर कैच कर इतिहास रच दिया. इस हैट्रिक लेने के साथ ही एक दिन में दो बार हैट्रिक लेने का कारनामा कर ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज ने इतिहास रच दिया. एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में हैट्रिक ली और दोनों हैट्रिक एक ही दिन में पूरी कीं. मैथ्यूज का यह रिकॉर्ड 114 साल से अब तक कायम है.
