UP Medical News: उत्तर प्रदेश सरकार ने मेडिकल एजुकेशन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के जिला अस्पताल सिर्फ मरीजों के इलाज तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यहां मेडिकल की पढ़ाई भी शुरू होगी। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने यूपी के 40 जिला अस्पतालों में पोस्ट ग्रेजुएट (PG) स्तर के DNB कोर्सेस की 153 सीटों और डिप्लोमा कोर्स की 216 सीटों को मंजूरी दी है। इस फैसले से सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार होंगे और भविष्य में मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। सरकार का उद्देश्य जिला स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करना और डॉक्टर्स की कमी को दूर करना है।
जिला अस्पताल बनेंगे मेडिकल एजुकेशन के केंद्र
अब तक ज्यादातर मेडिकल शिक्षा का केंद्र सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज रहे हैं, लेकिन नई व्यवस्था के बाद जिला अस्पताल भी मेडिकल प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यहां एमबीबीएस के बाद डॉक्टर विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे। इन अस्पतालों में शुरू होने वाले डीएनबी कोर्स को एमडी (MD) के बराबर माना जाता है। इससे डॉक्टरों को उच्च स्तर की मेडिकल ट्रेनिंग मिलेगी और अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में जिला अस्पतालों में पढ़ाई और इलाज दोनों की सुविधाएं साथ-साथ विकसित की जाएं।
13 स्पेशलाइजेशन कोर्सेस की होगी पढ़ाई
NBEMS द्वारा मंजूर किए गए कोर्सेस के तहत कई मेडिकल स्पेशलाइजेशन में पढ़ाई शुरू होगी। इनमें सर्जरी, मेडिसिन, गैस्ट्रोलॉजी, पल्मोनरी मेडिसिन, गायनी एंड ओब्स्ट्रेट्रिक्स सहित करीब 13 कोर्सेस शामिल हैं। इसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा, क्योंकि जिन अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर प्रशिक्षण लेंगे, वहां इलाज की सुविधाएं भी धीरे-धीरे बेहतर होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को बड़े शहरों और मेडिकल कॉलेजों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
2023 में हुई थी योजना की शुरुआत
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में जिला अस्पतालों में डीएनबी पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई थी। उस समय कुछ चुनिंदा जिला अस्पतालों में इन कोर्सों के लिए मान्यता मांगी गई थी। पहले चरण में 7 जिला अस्पतालों के लिए 63 सीटों को मंजूरी मिली थी। इनमें लखनऊ, मेरठ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज के अस्पताल शामिल थे। इन अस्पतालों में अलग-अलग विशेषज्ञताओं के लिए सीटें तय की गई थीं। लखनऊ के वीरांगना अवंतीबाई लोधी अस्पताल, सिविल अस्पताल और बलरामपुर अस्पताल में डीएनबी सीटों को मंजूरी मिली थी। इसी तरह मेरठ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज के जिला अस्पताल भी इस योजना से जुड़े थे।
अब 40 अस्पतालों में होगा विस्तार
नई मंजूरी के बाद योजना का विस्तार बड़े स्तर पर किया जा रहा है। अब प्रदेश के 40 जिला अस्पतालों में पीजी और डिप्लोमा स्तर की पढ़ाई शुरू हो सकेगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) उत्तर प्रदेश की ओर से बताया गया है कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों और महिला अस्पतालों को धीरे-धीरे इस योजना से जोड़ा जाएगा। इससे न केवल मेडिकल शिक्षा का विस्तार होगा, बल्कि सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों को भी विशेषज्ञ प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलेगा। अभी कई मरीजों को न्यूरो, सर्जरी, स्त्री रोग या अन्य विशेषज्ञ सेवाओं के लिए बड़े शहरों के मेडिकल कॉलेजों में जाना पड़ता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी।

