Ajit Doval News (द भारत ख़बर), पुणे: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को महाराष्ट्र के पुणे में शनिवार को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि पर लोकमान्य तिलक स्मारक ट्रस्ट द्वारा दिया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया। एनएसए ने कहा कि युवा आजादी को केवल अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी करने की स्वतंत्रता समझ सकते हैं, लेकिन आजादी का वास्तविक अर्थ यह नहीं है। हमें यह समझाना होगा कि देश की आजादी के पीछे एक लंबा संघर्ष और इतिहास रहा है।
‘सिर्फ देशहित के बारे में सोचें’
पुरस्कार मिलने के बाद अपने संबोधन में डोभाल ने कहा कि हम बेहद सौभाग्यशाली हैं कि देश को पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसा मजबूत नेतृत्व मिला है। भारत इस समय आंतरिक और बाहरी दोनों तरह की चुनौतियों से निपट रहा है। देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसलिए कई विरोधी ताकतें उसकी तरक्की से परेशान हैं। ऐसे समय में हर नागरिक को सबसे पहले सिर्फ सिर्फ देशहित के बारे में सोचना चाहिए।
‘आजादी का सही मतलब समझें युवा’
डोभाल ने युवाओं को आजादी का सही मतलब समझने की बात कही। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, आज के युवाओं को सोचना चाहिए कि वे केवल राष्ट्रहित में काम करेंगे। उन्हें निजी हितों का त्याग करने के लिए तैयार रहना चाहिए और अगर ऐसे विचार मन में आएं भी, तो उन्हें नजरअंदाज कर देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि देश अपने मिशन में सफल होगा और इतिहास का एक नया अध्याय लिखेगा।
तिलक ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी
डोभाल ने कहा कि लोकमान्य तिलक के व्यक्तित्व को समझने के लिए उस समय की परिस्थितियों को जानना जरूरी है। वह दौर अंग्रेजी शासन, भय, दमन और अत्याचार से भरा हुआ था। ऐसे समय में जब बहुत कम लोग अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाने का साहस करते थे, तब तिलक ने नेतृत्व संभाला और स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि तिलक उन महान नेताओं में थे जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
तिलक के विचारों को गहराई से समझना होगा
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के विचारों और उनके राष्ट्र निर्माण के योगदान को गहराई से समझने की जरूरत है। डोभाल ने कहा कि तिलक का जीवन केवल स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास नहीं, बल्कि देश के प्रति समर्पण और कर्तव्य का संदेश भी है।
डोभाल को एनएसए बनाना पीएम मोदी का पहला फैसला
वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी द्वारा लिए गए पहले फैसलों में से एक अजीत डोभाल को एनएसए नियुक्त करना था। उन्होंने कहा कि इस कदम ने भारत के रणनीतिक रुख को बदल दिया। आज भारत की विदेश नीति में फौलाद जैसी मजबूती है और हमने आत्मसम्मान के साथ दुनिया में अपनी स्थिति मजबूत की है।

