नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और पूर्व कप्तान विराट कोहली एक साथ दिल्ली की तरफ से घरेलू क्रिकेट में खेले. टीम इंडिया के लिए भी दोनों को साथ में खेलने का मौका मिला. दोनों के बीच रिश्ते को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इंग्लैंड के दौरा पर भी दोनों के बीच सबकुछ ठीक होने की बात कही. खबर आई थी कि गंभीर और कोहली के बीच बातचीत बंद है. हालांकि लंदन में भारतीय उच्च आयोग के दौरे के दौरान एक साथ हंसते-मुस्कुराते और बातचीत करते नजर आए थे. अब इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान दोनों ही हुई झड़प पर पूर्व आईसीसी पैनल अंपायर अनिल चौधरी ने बड़ा खुलासा किया है.
क्रिकेट की दुनिया पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी का नाम जाना हुआ है. उन्होंने घरेलू और इंटरनेशनल क्रिकेट में विराट कोहली ही नहीं गौतम गंभीर को भी देखा हुआ है. इंडियन प्रीमियर लीग 2013 में इन दोनों ही खिलाड़ियों के बीच हुई झड़प हर एक खेल प्रेमी के जहन में ताजा है. अनिल चौधरी ने विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच हुए विवाद को लेकर बड़ा खुलासा किया. उस मुकाबले में फील्ड अंपायर की भूमिका निभा रहे चौधरी ने कहा कि उनको इस बात की भनक पहले ही लग चुकी थी कि मुकाबले कांटे का होगा और मैच के दौरान मामला गरम भी होगा. इसके पीछे की वजह थी कि विराट और गंभीर दोनों ही मैदान पर बेहद आक्रामक होकर खेलते थे. गंभीर अब टीम इंडिया कोच हैं और विराट आईपीएल में कप्तानी छोड़ चुके हैं.

11 अप्रैल 2013 को आईपीएल इतिहास का सबसे यादगार कांटे का मुकाबला देखने को मिला था. बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में विराट कोहली की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम का समाना गौतम गंभीर की कोलकाता नाइट राइडर्स से हुआ था. केकेआर ने 8 विकेट पर 154 रन का स्कोर खड़ा किया था. रन चेज के दौरान आरसीबी के कप्तान विराट कोहली के आउट होने के बाद जबरदस्त हंगामा हुआ था. दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस शुरू हुई. आउट होकर कोहली वापस डगआउट की तरफ जा रहे थे गंभीर ने उनको पीछे से कुछ कहा जिसपर मामला भड़क गया. कोहली कहां चुप रहने वाले थे उन्होंने गंभीर पलटकर जवाब दिया और फिर दोनों आमने-सामने आ गए. मामला बिगड़ता मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और अंपायरों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया.
अनिल चौधरी ने कहा, “मुझे इस बाद का अंदाजा पहले से ही लग चुका था कि ऐसा कुछ होगा. नॉर्थ इंडिया के खिलाड़ी काफी अग्रेसिव क्रिकेट खेलते हैं. मैं भी लोकल क्रिकेट खेल चुका हूं और हमारे यहां के खिलाड़ी हमेशा इसी अंदाज में खेलते आए हैं. खिलाड़ी अग्रेशन दिखाएं तो अपना बेस्ट दे पाएंगे. ऐसे में खेल नीरस हो जाएगा और सारा रोमांच चला जाएगा. आक्रामक होना गलत नहीं है लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए. जो हद है उसके पास नहीं जाना चाहिए.

