नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर का कार्यकाल अगले महीने खत्म हो रहा है. जो खबर बीसीसीआई की तरफ से आई है उसके मुताबिक यह कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. पिछले कुछ दिनों में अगरकर को लेकर कई खबरें सुनने को मिली है. अब BCCI और चयन समिति के बीच मतभेदों को लेकर कई नई बातें सामने आ रही हैं. बताया जा रहा है कि मुख्य चयनकर्ता ने 4 अक्टूबर 2026 के बाद इस पद पर बने रहने से इनकार कर दिया है. बोर्ड और अगरकर के रिश्तों में खटास की शुरुआत जसप्रीत बुमराह को वनडे कप्तान ना बनाए जाने पर हुई थी.
पिछले कुछ दिनों से अगरकर और बीसीसीआई के बीच रिश्ते को लेकर छन छन कर खबरें सामने आ रही हैं. ताजा रिपोर्टों के मुताबिक उनके और बोर्ड के बीच मतभेद की शुरुआत 2023 में ही हो गई थी. ‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि मुख्य चयनकर्ता बनने के बाद जुलाई 2023 में हुई दूसरी चयन बैठक में ही BCCI के साथ मतभेद सामने आए थे. भारतीय टीम को दो टी20 मुकाबले के लिए आयरलैंड का दौरा करना था. अगस्त 2023 में अगरकर चाहते थे कि ऋतुराज गायकवाड़ टीम की कप्तानी करें. उनको बाद में एशियन गेम्स में खेलने गई टीम का कप्तान बनाया गया था.
अगरकर का ऐसा मानना था कि गायकवाड़ को अगर कप्तानी का मौका दिया जाए तो जसप्रीत बुमराह पर दबाव कम होगा. बुमराह अगस्त 2023 में चोट के बाद लंबे समय बाद वापसी कर रहे थे. BCCI ने बुमराह को कप्तान बनाने के पक्ष में फैसला किया. बोर्ड का कहना था कि बुमराह को खुद कप्तानी की जिम्मेदारी उठाना पसंद है और वो इसकी इच्छा जाहिर कर चुके थे.
विवाद भारत के पिछले इंग्लैंड दौरे पर बढ़ा जब रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला लिया गया. रिपोर्टों के अनुसार सलेक्शन कमेटी और टीम मैनेजमेंट को लगा कि रोहित अब वनडे टीम का हिस्सा नहीं हो सकते. उनको 2027 वर्ल्ड कप की योजना का हिस्सा नहीं माना जा रहा था. BCCI को यह बात पसंद नहीं आई. लॉर्ड्स वनडे से पहले रोहित के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की खबर सामने आई. इसके बाद सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने खुद इन खबरों का खंडन किया. ऐसे बीसीसीआई के सार्वजनिक तौर पर रोहित का समर्थन किए जाने से अगरकर नाराज हुए.

