नई दिल्ली. क्रिकेट इतिहास में की ऐसे रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं जहां बारिश ने अचानक से नतीजा बदल दिया. गेंदबाज और बल्लेबाजों को जिस एक चीज से सबसे ज्यादा डर लगता है वो आईसीसी का नियम है. बारिश के मुकाबलों में दोनों टीमों के लिए तय किए जाने वाले लक्ष्य को डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर निर्धारित किया जाता है. इस नियम ने जीत और हार के नजीते समीकरण बदले हैं. क्रिकेट में बारिश कई बार सिर्फ खेल नहीं रोकती, बल्कि टूर्नामेंट का विजेता, फाइनलिस्ट और इतिहास तक बदल देती है. आईसीसी वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंटों में बारिश ने ऐसा खेल दिखाया था कि पूरी बाजी पलट गई.
साल 1992 का आईसीसी वनडे वर्ल्ड का सेमीफाइनल मुकाबला भला कौन क्रिकेट फैन भूल सकता है. इंग्लैंड के खिलाफ साउथ अफ्रीका की टीम जीत के करीब नजर आ रही थी. प्रोटियाज टीम को 13 गेंद पर सिर्फ 22 रन की जरूरत थी. सबकुछ ठीक चल रहा था लेकिन तभी बारिश आ गई. मैच को तकरीबन 15 मिनट के लिए रोकना पड़ा और फिर डकवर्थ लुईस नियम के मुताबिक जो संशोधित लक्ष्य सामने आया उसने सबके होश उड़ा दिए. 1 बॉल पर साउथ अफ्रीका को 21 रन बनाना था. यह फैसला क्रिकेट इतिहास के सबसे विवादित फैसलों में गिना जाता है.

भारत और श्रीलंका की टीम ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2022 के फाइनल में जगह बनाई थी. दोनों टीमों को ही जीत का दावेदार माना जा रहा था. बारिश ने भारत और श्रीलंका के बीच इस फाइनल का मजा किरकिरा कर दिया. दो दिन फाइनल को कराने की कोशिश की गई लेकिन नतीजा नहीं निकल पाया. पहले दिन श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 244 रन थे लेकिन भारत की पारी के दौरान बारिश आ गई.रिजर्व डे पर मैच को फिर से शुरू कराया गया और इस बार श्रीलंका की टीम ने 7 विकेट पर 222 का स्कोर खड़ा किया. लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने भारत ने 1 विकेट पर 28 रन बनाए थे तभी बारिश ने खेल रोक दिया.भारत और श्रीलंका को संयुक्त विजेता घोषित किया गया.
क्रिकेट इतिहास के विवादित आईसीसी इवेंट के फाइनल में 2007 का वर्ल्ड कप आता है. बारबाडोस में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच फाइनल मुकाबला बारिश की वजह से 50-50 ओवर की जगह पर 38-38 ओवर का कर दिया गया था.ऑस्ट्रेलिया की टीम ने एडम गिलक्रिस्ट की शतकीय पारी के दम पर पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 281 बनाए. मैच के दौरान बारिश आई और फिर डकवर्थ लुईस नियम के तहत श्रीलंका के सामने 36 ओवर में 269 रन का संशोधित लक्ष्य रखा गया. आखिरी के ओवर में रोशनी इतनी खराब हो गई थी कि बॉल तक नजर नहीं आ रहा था, मैच रोकना पड़ा. अंपायरों ने श्रीलंका को ऐसे हालात में बैटिंग करने को मजबूर किया. स्पिनरों से आखिर के तीन ओवर किए और ऑस्ट्रेलिया ने लगातार तीसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बना.
साल 2013 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल इतिहास के पन्नों में दर्ज है. महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने अंग्रेजों को उसी के घर पर हराकर खिताब जीता था. बर्मिंघम में खेला गया फाइनल बारिश की वजह से करीब छह घंटे देरी से शुरू हुआ.आईसीसी ने मैच के लिए रिजर्व डे नहीं रखा था ऐसे में लग रहा था दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया जाएगा. 50 ओवर के मैच को 20-20 के मुकाबले में बदल दिया गया और टीम इंडिया ने सांसे रोक देने वाले मैच में इंग्लैंड को 5 रन से हराकर चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

