नई दिल्ली. टीम इंडिया से लंबे समय से बाहर चल रहे भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अपने संन्यास की घोषणा की. उन्होंने इस फैसले के बाद कहा कि उनका करियर जैसा रहा इससे वो संतुष्ट हैं. इस तरह से बिना विदाई मैच खेले रिटायर होने पर कोई पछतावा नहीं है. रहाणे ने यह फैसला बिना किसी अफसोस के लिया. रिटायरमेंट का ऐलान करने के बाद उनको साथ में खेले क्रिकेटर के अलावा सीनियर्स के भी मैसेज आए. उन्होंने बताया कि सबसे पहला फोन महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का आया था.
पिछले महीने 30 जुलाई को रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी. उन्होंने बताया कि सचिन तेंदुलकर फोन करने वाले पहले पूर्व भारतीय खिलाड़ी थे. सचिन ने उनको बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि उम्मीद थी कि वह अभी और लंबे समय तक खेलेंगे. रहाणे ने सचिन से हुई बात का खुलासा किया. रहाणे बोले, “जब मैंने अपने संन्यास का ऐलान सार्वजनिक किया तो सबसे पहला फोन सचिन पाजी का आया. उनका कहना था कि वो ऐसा सोच रहे थे कि मैं और खेलूंगा. मैंने उनसे कहा कि मैं अपने करियर को अब और लंबा नहीं खींचना नहीं चाहता था. इसी वजह से बिना किसी पछतावे के संन्यास लेने का फैसला लिया.”

सचिन के अलावा रहाणे को पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का भी फोन आया था. चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने रिटायर होने की जानकारी मिलने के बाद मैसेज भेजा था. रहाणे का कहना था कि उन्होंने सबको एक जैसा ही जवाब दिया. वह अपने फैसले से खुश हैं क्योंकि उन्होंने क्रिकेट के लिए अपना सब कुछ दिया.
अजिंक्य रहाणे ने साल 2011 में भारत के लिए डेब्यू किया था. उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में वह ड्रेसिंग रूम में मौजूद दिग्गज खिलाड़ियों को देखकर बहुत कुछ सीखते थे.जब उनको टीम में शामिल किया गया था तब सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, एमएस धोनी और वीरेंद्र सहवाग जैसे खिलाड़ी खेला करते थे. इन सभी के टीम में होने का उनको फायदा मिला. अपने करियर के शुरुआती दिनों में रहाणे सीनियर्स के खेल और तैयारी के तरीके को देखते थे. 2011 से 2023 के बीच भारत के लिए इस धुरंधर ने भारतीय टीम की तरफ से 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला.

