हांसी : हरियाणा में हांसी के प्राचीन समाधा मंदिर तक जाने वाली सड़क अब सिर्फ मंदिर तक पहुंचने का रास्ता नहीं रहेगी. नगर परिषद ने इस पूरे मार्ग को खूबसूरत और सुविधाजनक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. समाधा मंदिर से सिसाय पुल तक की सड़क को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है. अगर योजना को मंजूरी मिलती है तो यह मार्ग आने वाले समय में हांसी की नई पहचान बन सकता है.
नगर परिषद की योजना के मुताबिक सड़क पर रंगीन टाइलें लगाई जाएंगी. इसके साथ आकर्षक लाइटिंग, हरियाली और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी. श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए जगह-जगह बेंच भी लगाई जाएंगी, ताकि लोग आराम से बैठ सकें.
इस स्मार्ट रोड की सबसे खास बात करीब सात सेल्फी प्वाइंट होंगे. इन्हें सड़क के अलग-अलग हिस्सों में बनाया जाएगा. नगर परिषद का मानना है कि इनसे मार्ग को एक अलग और आकर्षक रूप मिलेगा. परियोजना की ड्राइंग और एस्टीमेट तैयार कर नगर परिषद ने करीब एक सप्ताह पहले इसे मंजूरी के लिए मुख्यालय भेज दिया है. मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसके बाद ही सड़क के विकास का काम धरातल पर शुरू हो सकेगा.
मंगलवार और शनिवार को उमड़ते हैं श्रद्धालु
समाधा मंदिर में हर मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. वहीं पंचम मेले के दौरान यहां आने वाले लोगों की संख्या काफी बढ़ जाती है. हरियाणा के अलावा दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इसी को देखते हुए नगर परिषद मंदिर तक पहुंचने वाले पूरे रास्ते को व्यवस्थित और आकर्षक बनाना चाहती है. स्मार्ट रोड के डिजाइन में सड़क की खूबसूरती के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है.
योजना के तहत सड़क के दोनों ओर उपलब्ध जगह के हिसाब से ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी. इसके अलावा बेंच लगाई जाएंगी और सड़क किनारे छोटे पार्क विकसित करने का भी प्रस्ताव है. इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भी बैठने और कुछ समय आराम करने की जगह मिल सकेगी.
सिसाय पुल के पास बनेगा भव्य प्रवेश द्वार
स्मार्ट रोड की शुरुआत को भी खास बनाने की तैयारी है. सिसाय पुल के पास पुलिस चौकी के नजदीक एक भव्य प्रवेश द्वार बनाने की योजना है. इसके लिए अलग से एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है. इस प्रवेश द्वार के बनने के बाद यहां से गुजरते ही लोगों को समाधा मंदिर मार्ग की अलग पहचान नजर आएगी. हालांकि अभी पूरी परियोजना मंजूरी के चरण में है. मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद ही टेंडर और निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
सेल्फी प्वाइंट, लाइटिंग और हरियाली से बदलेगा पूरा मार्ग
करीब सात सेल्फी प्वाइंट के अलावा पूरे रास्ते पर आकर्षक लाइटिंग और रंगीन टाइलें लगाने का प्रस्ताव है. सड़क के किनारे हरियाली विकसित की जाएगी और लोगों के बैठने के लिए बेंच लगाई जाएंगी. नगर परिषद की कोशिश है कि समाधा मंदिर तक पहुंचने वाला यह रास्ता देखने में खूबसूरत होने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक भी हो. इससे मंदिर आने वाले लोगों को बेहतर माहौल मिलेगा और क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी विकसित करने में मदद मिल सकती है.
कभी खेत और बागों के बीच था मंदिर
समाधा मंदिर हांसी के पुराने और प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है. बताया जाता है कि पहले मंदिर के आसपास खेत और बाग हुआ करते थे. लेकिन समय के साथ हांसी शहर का विस्तार हुआ और मंदिर के आसपास का इलाका भी आबादी का हिस्सा बन गया.
आज हर मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहुंचते हैं. पंचम मेले के दौरान तो मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ जाती है. ऐसे में मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग को बेहतर बनाने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है.
बाबा जगन्नाथ पुरी से जुड़ी है मंदिर की मान्यता
समाधा मंदिर की पहचान बाबा जगन्नाथ पुरी से भी जुड़ी हुई है. मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार बाबा जगन्नाथ पुरी ने लोगों को प्रेम, सद्भाव और आपसी भाईचारे का संदेश दिया था. समय के साथ उनकी स्मृतियों से जुड़ा यह स्थान लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया. पंचम मेले के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा जगन्नाथ पुरी की स्मृति से जुड़े इस धार्मिक स्थल पर पहुंचते हैं.

