अंबाला. ग्रामीण इलाकों में सितंबर का महीना खुद का कारोबार शुरू करने का अच्छा मौका है. अगर आपके पास अपनी जमीन है तो उसमें तालाब बनाकर मछली पालन शुरू किया जा सकता है. जमीन नहीं है तो भी 8 से 10 साल के लिए जमीन लीज पर लेकर इस काम को शुरू करने का रास्ता खुला है. इसके लिए सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जा रही है. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत किसानों और युवाओं को मछली पालन से जोड़ा जा रहा है. अंबाला में भी मत्स्य विभाग ग्रामीण इलाकों में कैंप लगाकर लोगों को योजना की जानकारी दे रहा है. विभाग के मुताबिक, हर साल जिले में 50 से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ लेकर मछली पालन शुरू कर रहे हैं.
किसको कितना पैसा
अंबाला की मत्स्य अधिकारी रूबी ने लोकल 18 को बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत किसान एक हेक्टेयर जमीन में तालाब तैयार कर मछली पालन शुरू कर सकते हैं. जमीन को 8 से 10 साल के लिए लीज पर लेकर भी तालाब बनाया जा सकता है. करीब एक हेक्टेयर में तालाब तैयार करने की परियोजना लागत 11 लाख रुपये तक हो सकती है. इस लागत पर सरकार की ओर से श्रेणी के अनुसार 40 से 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है. सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है, जबकि महिलाओं, एससी और एसटी वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ दिया जाता है.
मत्स्य अधिकारी रूबी के मुताबिक, मछली पालन का कारोबार सिर्फ तालाब तक सीमित नहीं है. योजना के तहत मछलियों की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए फोर व्हीलर खरीदने पर भी सब्सिडी का प्रावधान है. इसके लिए 2.25 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है. इससे किसान को मछलियों को बाजार तक पहुंचाने और कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है. शुरुआत तालाब से होगी, लेकिन आगे चलकर यही काम मछली उत्पादन, परिवहन और बाजार तक सप्लाई का पूरा कारोबार बन सकता है. योजना का लाभ लेने के लिए किसान हरियाणा सरल पोर्टल या मत्स्य विभाग हरियाणा के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद विभाग की ओर से लाभार्थी को बुलाकर जानकारी और दस्तावेजों की जांच की जाती है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थी को योजना के तहत सब्सिडी का लाभ दिया जाता है. आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के दस्तावेज या लीज एग्रीमेंट और जरूरत के अनुसार जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज मांगे जा सकते हैं.