नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की कप्तानी कर रहे हैं. टीम को उन्होंने फाइनल तक पहुंचाया और इस बड़े मुकाबले में डबल सेंचुरी ठोक इतिहास रच दिया. चेन्नई में खेले जा रहे साउथ जोन के खिलाफ उन्होंने मुश्किल में आकर टीम को संभाला और स्कोर 600 रन के पार पहुंचा दिया. 250 रन बनाकर जब वो रिटायर हर्ट हुए टीम का स्कोर 5 विकेट पर 611 रन था.
ईशान किशन ने ऐसा कमाल कर दिखाया है जो टूर्नामेंट के इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा. टॉस जीतकर साउथ जोन के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की. वैभव सूर्यवंशी 44 रन बनकार आउट हुए जबकि दूसरे ओपनर अभिमन्यू ईश्वरन ने 72 रन की पारी खेली. महज 147 रन के स्कोर पर टीम ने अपने तीन विकेट गंवा दिए थे. ऐसे में उन्होंने मैदान पर कदम रखा और पहली पारी में शानदार शतक लगाने के बाद इसे दोहरे शतक में तब्दील किया.
साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने ईस्ट जोन के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी को मैच के दौरान स्लेज किया था. उनके साथ झड़प का वीडियो भी सोशल मीडिया पर आया. उनको उकसाते हुए फिफ्टी बनाने से रोका. ईशान किशन और वैभव के बीच का रिश्ता बहुत ही खास बताया जाता है. ऐसे में उन्होंने मैदान पर आकर अपने साथी के साथ हुई हरकत का बदला चुकता किया. उन्होंने मैच के पहले दिन 122 बॉल पर 13 चौके और 1 छक्के के दम पर शतक जमाया. इसके बाद दूसरे दिन आकर ईशान ने 204 बॉल खेलकर अपने 150 रन पूरे किए और फिर 270 गेंद पर डबल सेंचुरी पूरी कर खास लिस्ट में जगह बनाई. उन्होंने डबल सेंचुरी पूरा करने के लिए 26 चौके और 2 छक्के मारे. 301 बॉल पर ईशान 250 रन बनाकर रिटायर हर्ट हुए. उन्होंने कुल 27 चौके मारे और 7 छक्का लगाया.
दलीप ट्रॉफी में खेलने उतरे इशान किशन ने धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए दोहरा शतक जमाया. इस खास पारी को खेलने के साथ ही उन्होंने रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराया. दलीप ट्रॉफी फाइनल में 200 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले महज 7वें बल्लेबाज हैं. अब उनका नाम अंशुमान गायकवाड़, मंसूर अली खान पटौदी, रमन लांबा, चेतेश्वर पुजारा, यूसुफ पठान और यशस्वी जायसवाल की खास लिस्ट में शामिल हो चुका है.
ईशान किशन ने दोहरा शतक जमाकर एक और खास उपलब्धि हासिल की. ईस्ट जोन के लिए दलीप ट्रॉफी फाइनल में दोहरा शतक जमाने वाले ईशान पहले बैटर हैं. इतना ही नहीं उन्होंने ईस्ट जोन के लिए फाइनल में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी बना डाला. इससे पहले यह रिकॉर्ड ऋद्धिमान साहा के नाम था. 2012 के फाइनल में सेंट्रल जोन के खिलाफ उन्होंने 170 रन बनाए थे.

