फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद में ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के बीच आ रहे सोतई गांव में किसानों का धरना 18वें दिन भी जारी है. तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण धरना स्थल पर लगे किसानों के टेंट के पाइप टूट गए और तिरपाल भी फट गया. इसके बावजूद बारिश के बीच किसान धरना स्थल पर डटे रहे. सोतई के अलावा आसपास के गांवों से भी किसान लगातार समर्थन देने पहुंच रहे हैं. धरने में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा भी शामिल हैं. किसानों की मांग है कि जमीन पर कब्जा लेने से पहले आज के बाजार मूल्य के हिसाब से मुआवजा दिया जाए. लोकल 18 से सोतई गांव के किसान मास्टर धर्म सिंह बताते हैं कि धरने का आज 18वां दिन है और सरकार की तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. सरकार जबरदस्ती जमीन पर कब्जा करना चाहती है और मुआवजा नहीं दे रही है. 24 घंटे धरना स्थल पर रहकर मांग उठाई जा रही है. बारिश हो या त्योहार, किसान धरना स्थल पर ही मौजूद हैं. बिना पैसे दिए जमीन नहीं दी जाएगी.
विशाल बताते हैं कि सोतई गांव की जमीन सभी किसानों और परिवारों की जमीन है. 18 दिन से किसान अपनी मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई है. मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा. सोतई के अलावा दूसरे गांवों से भी किसान समर्थन देने पहुंच रहे हैं. उत्तर प्रदेश तक से किसान समर्थन के लिए आ रहे हैं. किसान नेता भी धरने में साथ दे रहे हैं.
कैलाश बताते हैं कि करीब 110 साल से पूर्वज सोतई में खेती करते आ रहे हैं. सरकार की तरफ से जमीन का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है. जब तक खाते में जमीन का पैसा नहीं आएगा, तब तक धरना खत्म नहीं होगा. जमीन का पैसा कोर्ट में जमा किए जाने की जानकारी दो साल बाद मिली. किसानों की मांग है कि जमीन का पैसा सीधे किसानों के खाते में दिया जाए. विमला देवी बताती हैं कि वे 18 दिनों से धरने पर बैठी हैं. सरकार की तरफ से अभी तक कोई आश्वासन नहीं मिला है. खेती ही रोजगार का साधन था, अब जमीन जाने से वो भी खत्म हो गया. पहले पैसा चाहिए और उसके बाद जमीन पर कब्जा दिया जाएगा. विमला देवी पुलिस पर महिलाओं और बुजुर्गों के साथ मारपीट का आरोप लगाती हैं. कुछ दिन पहले पुलिस की तरफ से डंडे चलाए जाने की बात भी बताई.
मशीन रोकने पर लाठी चार्ज
ज्ञानवती बताती हैं कि जब तक जमीन का पैसा नहीं मिलेगा, तब तक धरना खत्म नहीं होगा. कब्जा देने से पहले किसानों को मुआवजा चाहिए. धरना इसी तरह चलता रहेगा. मीना बताती हैं कि पुलिस की तरफ से बुजुर्गों और महिलाओं के साथ मारपीट की गई. नीम के नीचे बैठे किसानों के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया. एसडीएम की तरफ से किसानों को वहां से हटाने की बात कही गई. किसानों को गाड़ी में भरकर ले जाने की बात भी सामने आई.
प्रजा बताती हैं कि निर्माण कार्य के लिए मशीन चल रही थी. मशीन को रोकने की कोशिश के बाद पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज किया गया. लाठी लगने से देवरानी के सिर में चोट लगी और खून निकल आया. जमीन के बदले हक का पैसा मांग रहे हैं जब तक पैसा नहीं मिलेगा, तब तक धरना स्थल से किसान नहीं हटेंगे.
अधिकारियों की वजह से खिंच रहा मामला
राष्ट्र किसान मजदूर संगठन के किसान नेता बबलू हुड्डा भी किसानों के समर्थन में पहुंचे. किसानों का कहना है कि धरना शांतिपूर्ण तरीके से 24 घंटे दिन-रात चल रहा है. किसानों की तरफ से जमीन के मुआवजे की मांग उठाई जा रही है. किसानों का आरोप है कि अधिकारियों की वजह से मामला लगातार खिंच रहा है. किसानों की मांग है कि सरकार आज के बाजार मूल्य के हिसाब से मुआवजा दे और उसके बाद ही जमीन पर कब्जा लिया जाए. मांग पूरी नहीं होने तक सोतई में किसानों का धरना जारी रहेगा.