नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा खिलाड़ी के जिस बात का इम्तिहान होता है वो संयम है. जब धैर्य और शांत मन से कोई मैदान पर उतरता है तो ही असली टेस्ट खिलाड़ी बन पाता है. सफलता के लिए तीन ‘T’ यानी टेक्नीक, टाइमिंग और टेंपरामेंट को बेहद अहम माना जाता है. आज के खेल में बल्लेबाज जहां पहले ओवर से दनादन रन बनाने की तरफ देखते हैं वहीं एक ऐसी पारी भी इतिहास के पन्ने में दर्ज है जिसमें डेढ घंटे से ज्यादा बल्लेबाजी करने के बाद भी खाता नहीं खुला. न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज जेफ अलॉट की पारी आज भी टेस्ट क्रिकेट के अनोखे रिकॉर्ड्स में शामिल है.
न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच खेला गया एक टेस्ट मैच जिसे हमेशा ही याद रखा जाएगा. इस मुकाबले में किसी बल्लेबाज नहीं बल्कि एक गेंदबाजी ने ऐसी बैटिंग की जिसने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला. साल 1999 के मार्च महीने में ऑकलैंड के ईडन पार्क में यह टेस्ट मैच खेला गया था. न्यूजीलैंड अपनी दूसरी पारी में मुश्किल स्थिति में था। टीम के 9 विकेट 320 रन पर गिर चुके थे. मैच बचाने के लिए एक ही रास्ता बचा था उसकी आखिरी बल्लेबाजी जोड़ी क्रीज पर जमी रहे.
11वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे जेफ अलॉट ने ऐसा संयम दिखाया जिसने उनका नाम इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया. इस खिलाड़ी ने बिना कोई रन बनाए ही वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला. साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों के उन्होंने जुझारू बल्लेबाजी करते हुए 77 गेंद का सामना किया. इस खिलाड़ी ने 101 मिनट यानी 1 घंटे 41 मिनट तक क्रीज पर डट कर गेंदबाजों का सामना किया. कमाल की बात यह रही कि उन्होंने हर बॉल को सिर्फ डिफेंस किया एक भी रन नहीं बनाया. आखिरकार वह जैक कैलिस की गेंद पर शॉन पोलक के हाथों कैच आउट हुए. पहली पारी साउथ अफ्रीका ने 5 विकेट पर 621 रन बनाकर घोषित की थी. जेफ के आउट होने के बाद न्यूजीलैंड की पहली पारी 352 रन पर सिमट गई और फॉलोऑन खेलना पड़ा.
‘डक’ फिर भी ऐतिहासिक
अलॉट ने भले ही इस पारी के दौरान कोई भी रन नहीं बनाया और स्कोरकार्ड पर उनके नाम के आगे 0 रन दर्ज हुआ.उनकी पारी ने न्यूजीलैंड को मैच ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई. जेफ अलॉट की यह पारी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में गेंद और समय के लिहाज से सबसे लंबी शून्य पर आउट होने वाली पारी है. उन्होंने कुल 77 गेंद और 101 मिनट तक बिना खाता खोले मैदान पर समय बिताया. यह रिकॉर्ड करीब 27 साल से कायम है.

