नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम की टीम युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने इस समय अपने खेल से तबाही मचा रखी है. दलीप ट्रॉफी में चयनकर्ताओं ने इस 15 साल के खिलाड़ी को ईस्ट जोन का उप कप्तान बनाया था. उन्होंने ईशान किशन की गैरमौजूदगी में टीम की कमान भी संभाली. इस युवा के साथ टीम का हिस्सा रहे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने उनके साथ खेलने को लेकर बात की. शमी कहना था कि जितनी वैभव की उम्र है उसके बराबर उनका क्रिकेट करियर है.
दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन ने युवा जोश और अनुभवी खिलाड़ियों के शानदार तालमेल की बदौलत खिताब अपने नाम किया. ईशान किशन की कप्तानी वाली टीम ने फाइनल में साउथ जोन को पहली पारी की बढ़त के आधार पर हराया. ईस्ट जोन की टीम को 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी जीतने में कामयाबी मिली. पूरे टूर्नामेंट के दौरान शमी और 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की दोस्ती चर्चा में रही. फाइनल मुकाबले में एक समय ईशान किशन मैदान से बाहर गए तो महज 15 साल के वैभव ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली.
ट्रॉफी को जीतने के बाद शमी ने वैभव की जमकर तरीफ की और उनके साथ खेलने के अनुभव को साझा किया. उन्होंने बताया कि ये बच्चा मैदान पर हंसी मजाक करता रहता है और सीखने के लिए हमेशा तैयार रहता है. शमी ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी लगभग उनके करियर जितनी उम्र का है. शमी ने बताया कि ये खिलाड़ी मैदान पर मस्ती करता रहता है और मासूमियत से भरा है. उनके अंदर चीजों को सीखने की गजब की ललक है वो बहुत तेजी से बातों को समझता लेते हैं.
मोहम्मद शमी ने खास तौर पर कहा कि आज के युवा खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग और बाकी बड़े टूर्नामेंट खेलकर कम उम्र में ही काफी मैच्योर हो जाते हैं. ऐसे में उनको ज्यादा कोचिंग देने की जरूरत नहीं होगी. शमी ने बताया कि किसी भी मैच में जब मुश्किल स्थिति आती है तो अनुभवी खिलाड़ी सलाह देकर युवाओं को अहम चीजें सिखाते हैं.

