नई दिल्ली. महिला एशिया कप के दौरान एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नकवी एक बार फिर विवादों में आ गए. भारतीय खिलाड़ियों की तरफ से ऐसे संकेत पहले ही दिए जा चुके थे कि जीत के बाद पाकिस्तान के नकवी के हाथों से टीम ट्रॉफी नहीं लेगी. इसके बाद भी वो स्टेज पर आए और बखेड़ा खड़ा हुआ. महिला टीम के खिलाड़ी ने ट्रॉफी लेने से मना कर ड्रेसिंग रूप में रहने का फैसला लिया. आखिरकार एशिया कप की ट्रॉफी के बिना ही भारत को वापस लौटना पड़ा. इस घटना के बाद यह तय हो गया है कि नकवी को एसीसी के चेयरमैन के पद पर एक्सटेंशन नहीं मिलेगा.
मोहसिन नकवी का कार्यकाल अब समाप्ति की ओर बढ़ता नजर आ रहा है. पाकिस्तान के नेता नकवी का दो साल का कार्यकाल अप्रैल 2027 में खत्म हो रहा है. रिपोर्ट की माने तो उनका कार्यकाल बढ़ाया जा सकता था ऐसे विकल्प मौजूद थे. उनकी भारत की पुरुष और महिला टीम के साथ की गई हरकत के बाद दोबारा समर्थन मिलने की संभावना कम हो गई है. ACC के अध्यक्ष पद का कार्यकाल आमतौर पर दो साल का होता है. यह जिम्मेदारी रोटेशन के तहत पर फुल मेंबर देशों के क्रिकेट बोर्ड को मिलती है. भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के उम्मीदवारों को यह जिम्मेदारी दी जाती है. किसी एक देश के पास लगातार दो कार्यकाल रहने की व्यवस्था नहीं है.
एशिया कप 2025 में नकवी और भारतीय क्रिकेट के बीच का विवाद खुलकर सामने आया था. जीत के बाद टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और खिलाड़ियों ने नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. असली विवाद तब बढ़ गया जब नकवी ट्रॉफी लेकर दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम से चले गए.अब रविवार, 13 सितंबर को महिला एशिया कप के फाइनल में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला. महिला टीम ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब जीता. नकवी ट्रॉफी सौंपने के लिए मौजूद थे, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने उनसे ट्रॉफी स्वीकार नहीं की.

