नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट की युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया. जिम्बाब्वे में प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए खिलाड़ी को ऐसे बाहर बिठाना उसके मनोबल के लिए ठीक नहीं है. मैच देखने पहुंचे कुछ फैंस ने भी इसे लेकर नाराजगी जाहिर की थी. पूर्व भारतीय चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने के फैसले पर सवाल उठाए हैं.उनका मानना है कि टीम मैनेजमेंट को युवा बल्लेबाज को लगातार मौके देने चाहिए. उसे बार-बार टीम में शामिल और बाहर करना चाहिए.
संजू सैमसन को जिम्बाब्वे दौरे पर नहीं चुना गया था. वैभव ने अभिषेक के साथ सीरीज के दौरान पारी की शुरुआत की थी. जिम्बाब्वे में तीन मैचों की सीरीज उन्होंने दो अर्धशतक जमाया था. उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया और आखिरी मुकाबले में वह प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे थे. वैभव ने 196.10 की स्ट्राइक रेट से 151 रन बनाए थे. अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 से ठीक दो दिन पहले वैभव दलीप ट्रॉफी फाइनल में खेल रहे थे. उन्होंने सेमीफाइनल में 92 और 40 रन की पारी खेली थी जबकि फाइनल मुकाबले की पहली पारी में 44 रन बनाए. इसके बाद भी अनुभवी संजू सैमसन की जगह उनको अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 से बाहर कर दिया गया.
श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “पहले टी20 मैच में सूर्यवंशी नहीं खेल रहे थे. हमने फिल्म देखना शुरू कर दिया. सूर्यवंशी क्यों नहीं खेल रहे हैं इसकी वजह से मेरी पत्नी चिल्ला रही थीं. उनका कहना था पिछले मैच में प्लेयर ऑफ द मैच रहा हो, वह टीम में क्यों नहीं है. मेरी पत्नी भी उनको प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने से पर सवाल उठा रही थीं. आप जिस तरह का बर्ताव सूर्यवंशी के साथ कर रहे हैं सही नहीं हैं. अब अगर वह अगले मैच में खेलते हैं, तो उनके मन में यह सवाल रहेगा कि अगर वह रन नहीं बनाए तो क्या उन्हें फिर बाहर कर दिया जाएगा.”
श्रीकांत ने टीम मैनेजमेंट से अनुभवी विकेटकीपर संजू सैमसन के इस्तेमाल पर सवाल उठाए. इस खिलाड़ी को लगातार मौके नहीं मिल रहा है. उनको प्लेइंग इलेवन से अंदर बाहर किया जाता है. इंग्लैंड दौरे पर तीन मैचों के बाद उन्हें वैभव के लिए बाहर किया गया. जिम्बाब्वे सीरीज में आराम दिया गया. श्रीकांत के मुताबिक भारत को या तो सैमसन को लगातार मौके देने चाहिए या फिर वैभव सूर्यवंशी को कई मैचों तक लगातार खिलाना चाहिए. दोनों खिलाड़ियों को एक-दो मैच के बाद अंदर-बाहर करना उनके लिए सही नहीं है.

