Surendra Koli Death News: देश को झकझोर देने वाले निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक कोली का शव उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड पर लाल माता मंदिर के सामने स्थित उसकी चाय की दुकान में मिला। शुरुआती जांच में पुलिस इसे खुद जान देने का मामला मान रही है, लेकिन मौके से कोई नोट नहीं मिला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस के अनुसार सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और चाय की दुकान चलाकर अपना जीवनयापन कर रहा था।
निठारी कांड में क्या था कोली का मामला?
निठारी कांड दिसंबर 2006 में उस समय सामने आया था, जब नोएडा के सेक्टर-31 स्थित मोनिंदर सिंह पंढेर के मकान D-5 के पीछे और आसपास से बच्चों समेत कई लोगों के मानव अवशेष बरामद हुए थे। मामले की जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई और सुरेंद्र कोली और पंढेर के खिलाफ कई मामले दर्ज हुए। सुरेंद्र कोली को अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया था और कई मामलों में उसे मृत्युदंड भी सुनाया गया। हालांकि बाद की न्यायिक प्रक्रिया में इन फैसलों में बड़ा बदलाव आया। अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोली को निठारी से जुड़े 12 मामलों में और मोनिंदर सिंह पंढेर को दो मामलों में बरी कर दिया। इसके बाद जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने भी कोली और पंढेर की इन मामलों में हुई बरी को चुनौती देने वाली अपीलें खारिज कर दी थीं।
उस समय कोली एक अन्य मामले में मिली उम्रकैद की सजा के कारण जेल में था। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने कोली की अंतिम लंबित दोषसिद्धि को भी क्यूरेटिव याचिका पर सुनवाई करते हुए रद्द कर दिया और उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक फैसले में कहा गया कि क्यूरेटिव याचिका स्वीकार की जाती है और कोली को रिहा किया जाए, अगर वह किसी अन्य मामले या कार्यवाही में आवश्यक न हो। इस तरह कानूनी रूप से निठारी से जुड़े मामलों में कोली की पूर्व दोषसिद्धियां समाप्त हो चुकी थीं।
निठारी कांड के पीड़ित परिवार ने उठाए सवाल
सुरेंद्र कोली की मौत की खबर सामने आने के बाद निठारी के पीड़ित परिवारों में एक बार फिर पुराने सवाल उभर आए हैं। अपनी बेटी ज्योति को खोने वाले झब्बू लाल और उनकी पत्नी सुनीता लंबे समय से न्याय की मांग करते रहे हैं। उनकी बेटी के अवशेषों की पहचान डीएनए जांच के जरिए परिवार के रक्त नमूनों से की गई थी। 2023 में कोली और पंढेर को बरी किए जाने के बाद झब्बू लाल और सुनीता ने सार्वजनिक रूप से फैसले पर असंतोष जताया था। उन्होंने कहा था कि अगर कोली और पंढेर दोषी नहीं हैं तो उनके बच्चों की हत्या किसने की। 2025 में भी दोनों ने अपनी बेटी ज्योति को लेकर न्याय न मिलने की पीड़ा व्यक्त की थी।
कोली की हरिद्वार में मौत के बाद निठारी कांड के पीड़ित परिवार ने सवाल उठाए हैं। परिवार की ओर से यह आशंका जताई गई है कि कोली की मौत हत्या हो सकती है और यह भी कहा गया कि कोली को निठारी मामले से जुड़े कई राज मालूम थे। परिवार ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि अगर उसे खुद जान देनी होती तो वह जेल में ऐसा क्यों नहीं करता। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

