नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के वनडे टीम में बने रहने को काफी बातें की जा रही है. इंग्लैंड दौरे पर उनके इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की बात सामने आई थी. बीसीसीआई सचिन देवजीत सैकिया ने इसे अफवाह बताया था. अब उनके वनडे वर्ल्ड कप 2027 खेलने को लेकर भी सारी अटकलों पर विराम लगा दिया है. इस बीच सबसे बड़ी बहस उनकी फिटनेस को लेकर छिड़ी हुई है.
रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है. बीसीसीआई सचिव ने जिस तरह से पब्लिक में आकर रोहित का समर्थन किया वो मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर को पसंद नहीं आया. बताया जा रहा है कि खुलकर फैसले नहीं ले पाने की वजह से ही वो अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद एक्टेंशन नहीं लेंगे. रोहित शर्मा को लेकर चयनकर्ताओं की ओर से उठाए गए सवाल पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं. रिपोर्ट्स की माने तो अगरकर चाहते थे कि भारत 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले यशस्वी जायसवाल को मौका दिया जाए. सलेक्शन कमेटी का मानना था कि कम से कम 20 वनडे मैचों में जायसवाल को खेलने दिया जाए. इससे उनको वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम में अपनी जगह बनाने में मदद मिलेगी. बीसीसीआई के हस्तक्षेप के बाद रोहित को टीम में बनाए रखा गया.
रोहित को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए चुना गया है. वहीं चयनकर्ताओं ने जायसवाल को भी 15 सदस्यीय टीम में जगह दी है. इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स के जिस वनडे को रोहित का आखिरी इंटरनेशनल मैच बताया जा रहा था उसमें उन्होंने धमाकेदार शतक जमाते हुए 138 रन की पारी खेल डाली थी.
भले ही बीसीसीआई ने उनका समर्थन कर मुख्य चयनकर्ता की कथित योजना को लागू नहीं होने दिया. रोहित की फिटनेस इसके बाद भी चर्चा का विषय बनी हुई है. वह 39 साल के हैं और पिछली आईपीएल में हैमस्ट्रिंग चोट के कारण लगातार चार मैचों से बाहर रहे थे. रिपोर्ट में चयनकर्ताओं से जुड़े सूत्र ने इस बात पर ध्यान दियाते हुए उनकी फिटनेस पर सवाल उठाया. क्या रोहित शर्मा 2027 वर्ल्ड कप तक अपने आप को मैच फिट रख पाएंगे. चयनकर्ताओं को असली चिंता इस बात को लेकर है कि अगर वर्ल्ड कप से ठीक पहले रोहित उपलब्ध नहीं हो पाए फिर किया होगा. ऐसे में जायसवाल के पास बड़े टूर्नामेंट का पर्याप्त अनुभव नहीं होगा. इसी वजह से सलेक्शन कमेटी रोहित की जगह जायसवाल को आगे ओपनर के तौर पर प्राथमिकता देना चाहती थी.

