Indian Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले से पहले निवेशकों में सतर्कता रही और सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ खुले। बाजार खुलने के कुछ ही समय बाद सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 22,650 के नीचे चला गया। बाजार में दबाव की एक बड़ी वजह RBI की बैठक को लेकर बनी अनिश्चितता थी। निवेशक रेपो रेट और आगे की मौद्रिक नीति को लेकर केंद्रीय बैंक के संकेतों का इंतजार कर रहे थे। इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर रुपये ने भी बाजार का सेंटीमेंट प्रभावित किया।
सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत
बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 102.43 अंक यानी 0.14 फीसदी गिरकर 72,965 पर खुला। वहीं निफ्टी 50 में 85.65 अंक यानी 0.38 फीसदी की गिरावट रही और यह 22,690 के स्तर पर खुला। बैंक निफ्टी भी दबाव में रहा। यह करीब 170 अंक यानी 0.31 फीसदी गिरकर 54,958.15 के स्तर पर खुला। बाजार खुलने के बाद बिकवाली और तेज हुई। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 468 अंक तक गिरा, जबकि निफ्टी 50 ने 22,600 का इंट्राडे स्तर छुआ।
RBI के फैसले के बाद भी बाजार पर दबाव
RBI ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी करते हुए इसे 5.25 फीसदी से बढ़ाकर 5.50 फीसदी कर दिया। यह फरवरी 2023 के बाद पहली रेपो रेट बढ़ोतरी है। साथ ही RBI ने अपनी नीति का रुख ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया। रेपो रेट बढ़ने से ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील सेक्टरों पर दबाव की आशंका बनी हुई है। खासकर ऑटो, रियल एस्टेट और कुछ वित्तीय कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया के बाद बैंकिंग शेयरों में कुछ सुधार भी देखने को मिला।
कच्चे तेल की कीमत भी बनी चिंता
शेयर बाजार के लिए एक और बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमत है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड करीब 1 फीसदी बढ़कर 101.5 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। पश्चिम एशिया में तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। महंगा कच्चा तेल भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता का विषय है। इससे आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर भी दबाव बन सकता है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में तेज बदलाव का असर रुपये और शेयर बाजार दोनों पर दिखाई दे सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। विदेशी निवेशकों ने 6 अक्टूबर को करीब ₹2,961 करोड़ के भारतीय शेयर बेचे और यह लगातार आठवां कारोबारी सत्र था जब FIIs बिकवाल रहे। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार को कुछ सहारा दे रहे हैं। मंगलवार को घरेलू संस्थानों ने करीब ₹5,088 करोड़ की खरीदारी की थी। शेयर बाजार की गिरावट के बीच भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 10 पैसे कमजोर होकर 96.45 प्रति डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा।

