नई दिल्ली. अगर आप अगले कुछ दिनों में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर या उत्तराखंड घूमने जाने की योजना बना रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए ही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इन तीनों राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में मानसून बेहद सक्रिय रहेगा, जिससे भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और बादल फटने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
आईएमडी ने हिमाचल प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. उत्तराखंड में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. विभाग का कहना है कि सक्रिय मानसूनी ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश की तीव्रता बढ़ रही है.

मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया ने भी लोगों से अपील की है कि रविवार से बुधवार तक हिमालयी राज्यों की यात्रा से बचें. उनके अनुसार इस दौरान कई इलाकों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण कई पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन, कुछ स्थानों पर बादल फटने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा बना हुआ है. ऐसे मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा जोखिम भरी साबित हो सकती है.
शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 20 से 23 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश होगी. कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है.
उत्तराखंड में अगले सात दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है. 20 जुलाई को कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी के जलग्रहण क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का खतरा बताया है.
आईएमडी के अनुसार जम्मू से बरेली होते हुए पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैली मानसूनी ट्रफ, जम्मू क्षेत्र के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिम भारत में पहुंचे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालयी राज्यों में मानसून ने जोर पकड़ लिया है. यही वजह है कि 20 जुलाई से बारिश और तेज होने की संभावना है.
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि:
गैर-जरूरी पहाड़ी यात्रा से बचें.
भूस्खलन संभावित मार्गों पर जाने से परहेज करें.
नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें.
स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों का पालन करें.
विशेषज्ञों का मानना है कि 20 से 23 जुलाई के बीच हिमालयी राज्यों में मौसम सबसे अधिक खराब रह सकता है. ऐसे में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा की योजना स्थगित करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होगा.

